करौली जिले की ग्राम पंचायत नींदर में पंचायत समिति वार्डों के नए परिसीमन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने इस परिसीमन को अव्यवहारिक और जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत समिति वार्ड नंबर 13 और 14 के परिसीमन में गंभीर खामियां हैं। इसके कारण ग्राम पंचायत नींदर को खंडित कर दिया गया है। नए परिसीमन के तहत, ग्राम पंचायत नींदर के वार्ड नंबर 6 और 7 को रानीपुरा ग्राम पंचायत में शामिल किया गया है। वहीं, वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, 5, 8 और 9 को जाखौदा ग्राम पंचायत में जोड़ दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इस विभाजन से ग्राम पंचायत नींदर का भौगोलिक और प्रशासनिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने बताया कि नींदर पूर्व से ही मुख्यालय रही है, और इस तरह का विभाजन जनभावनाओं के विपरीत है। उनका कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में बाधाएं आएंगी और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ प्रभावी प्रतिनिधित्व से भी वंचित होना पड़ेगा। देवीचरण मीना सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान उनकी राय नहीं ली गई और आपत्तियों की अनदेखी की गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत नींदर को उसकी पूर्व स्थिति में रखा जाए और इसके सभी वार्डों को पंचायत समिति वार्ड नंबर 14 में ही शामिल किया जाए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि परिसीमन में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वे आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।


