ईसरदा बांध डूब क्षेत्र की लंबित मांगों को लेकर संघर्ष समिति और किसानों की नाराजगी सामने आई है। टोंक में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सरकार की उदासीनता पर विरोध जताया गया। किसानों ने सांकेतिक धरना देकर राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। किसानों ने साफ कहा कि मुआवजा और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 6 फरवरी को टोंक बाईपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर चक्का जाम किया जाएगा। 6 फरवरी को चक्का जाम का फैसला धरने के दौरान समिति ने निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 6 फरवरी को डूब क्षेत्र के सभी क्षेत्रवासी टोंक बाईपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर चक्का जाम करेंगे। समिति का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। संघर्ष समिति का प्रशासन को अल्टीमेट मसंघर्ष समिति के अध्यक्ष हंसराज फागना ने बताया कि चक्का जाम के दौरान यदि कोई भी स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टोंक प्रशासन और राज्य सरकार की होगी। पहले भी दिए ज्ञापन, अब तक समाधान नहीं किसानों ने बताया कि इससे पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। सोमवार को भी मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है। मुआवजा और जमीन से जुड़ी समस्याएं बनी हुई संघर्ष समिति का कहना है कि ईसरदा बांध के डूब क्षेत्र में आई जमीनों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। इसके अलावा विस्थापन और अन्य समस्याएं भी जस की तस बनी हुई हैं, जिससे किसानों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।


