जन-जन के आराध्य देव राधा-मदन मोहन जी का 279वां पाटोत्सव (सिंहासन यात्रा) मंगलवार को करौली में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मदन मोहन जी मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और पूरा परिसर “बंसी वाले के जयकारों” से गूंज उठा। इतिहासकारों के अनुसार, लगभग 279 वर्ष पूर्व आज ही के दिन ठाकुर मदन मोहन जी के विग्रहों को अमनिया भंडार से वर्तमान मंदिर में विधिवत रूप से विराजित किया गया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष पाटोत्सव को सिंहासन यात्रा के रूप में मनाया जाता है। पाटोत्सव के उपलक्ष्य में राधा-मदन मोहन जी और गोपाल जी के विग्रहों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। इसके बाद उनका आकर्षक और भव्य श्रृंगार किया गया। इस विशेष दिन मदन मोहन जी, गोपाल जी और राधा रानी ललिता सखी के साथ एकल स्वरूप में विराजमान हुए। मदन मोहन जी भक्त मंडल द्वारा संकीर्तन और प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु भजनों पर भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे वातावरण में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।


