करौली शहर में रियासतकालीन ऐतिहासिक परकोटे के जीर्णोद्धार, परिक्रमा मार्ग के निर्माण और पांचना बांध पर पर्यटन विकास से संबंधित कार्यों की गति धीमी है।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए अभी तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार नहीं हो पाई है, जिससे कार्य शुरू होने में देरी हो रही है। राज्य सरकार ने बजट में पर्यटन विकास से संबंधित घोषणा की थी। करीब 6 माह पहले जारी एक सूची में राज्य के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया था। इस सूची में करौली शहर में परकोटे का जीर्णोद्धार, परिक्रमा मार्ग का निर्माण, प्रमुख स्थलों का सौंदर्यीकरण और पांचना बांध पर पर्यटन विकास के कार्य शामिल थे। जून में टीम ने किया था दौरा
इन कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए जून माह में एक टीम ने करौली का दौरा किया था। इस टीम में पर्यटन विभाग, कंसल्टेंट एजेंसी, आर्कियोलॉजी म्यूजियम और नगर परिषद के अधिकारी शामिल थे।
टीम ने परिक्रमा मार्ग, परकोटे और शहर के प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए मौके का मुआयना किया और आवश्यक कार्यों की जानकारी जुटाई थी। इससे शहरवासियों को जल्द ही ऐतिहासिक परकोटे के दिन फिरने और पांचना बांध के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की उम्मीद जगी थी। नगर परिषद ने डीपीआर तैयार करने के लिए निर्देश
हालांकि, टीम के दौरे के 6 माह बाद भी इन कार्यों के लिए डीपीआर तैयार नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, परकोटे की मरम्मत, परिक्रमा मार्ग और सौंदर्यीकरण के लिए नगर परिषद ने पहले टेंडर जारी किए थे, लेकिन कोई निविदाएं प्राप्त नहीं हुईं।
इसके बाद परिषद ने फिर से टेंडर प्रक्रिया अपनाई। अब लगभग 5 दिन पहले नगर परिषद ने जयपुर की एक फर्म को इन कार्यों की डीपीआर तैयार करने के लिए कार्यादेश जारी किए हैं। निर्धारित शर्तों के अनुसार, फर्म को यह कार्य 25 जनवरी 2026 तक पूरा करना होगा।


