करौली में भारत सरकार की नागरिक सुरक्षा क्षमता संवर्धन योजना के तहत डायट (DIET) परिसर में सात दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित बचाव कार्यों के लिए स्वयंसेवकों को दक्ष बनाना है। करौली सिविल डिफेंस प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 23 से 29 दिसंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के तीसरे दिन रोप रेस्क्यू तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन नागरिक सुरक्षा टीम के इंचार्ज प्रदीप कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान मास्टर ट्रेनर जयदेव और राम अवतार सहित उपनिदेशक बालकृष्ण, बृजभूषण, फरमान, तरुण, राजकुमार, पुष्पेंद्र सैनी, राधेश्याम, योगेश और झमन जैसे सहायक प्रशिक्षक भी उपस्थित रहे। प्रदीप कुमार ने बताया कि कुल 360 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को चार बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा। दूसरा बैच पहले ही शुरू हो चुका है। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को रोप रेस्क्यू सहित विभिन्न बचाव तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि डेमो स्टेशनों के जरिए स्वयंसेवकों को सिखाया जा रहा है कि आपदा के समय पीड़ितों की सहायता सुरक्षित, तेज और प्रभावी ढंग से कैसे की जाए, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।


