मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें चरण को लांच करने की तैयारी है। यह 5000 करोड़ का होगा, जो तीन साल में खर्च होगा। पहले साल यानी 2026 में 100 करोड़, 2027 में 1932 करोड़ और तीसरे साल 2968 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मप्र में नगर निगम, पालिका और परिषद के चुनाव 2027 और 2028 में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। नगरीय विकास विभाग ने कैबिनेट के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द मंजूरी होगी। 2800 करोड़ का कर्ज लेगी सरकार… हमसे ऐसे होगी वसूली स्टांप ड्यूटी पर… वर्तमान में 3% उपकर लगता है, जिसमें 1% राशि नगरीय निकायों को अनुदान के रूप में और 2% राशि विभाग द्वारा लिए गए ऋण की अदायगी में जाती है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें चरण का कर्ज चुकाने के लिए इस उपकर में ‘अतिरिक्त सुधार शुल्क/उन्नयन शुल्क’ बढ़ाने का विकल्प रखा गया है। यह राशि सीधे हितग्राहियों से वसूली जाएगी। नए उपाय भी…{इसके साथ ही सरकार इनोवेटिव फाइनेंसिंग पर भी फोकस करेगी-जैसे लैंड वैल्यू कैप्चर, पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप और म्युनिसिपल/ग्रीन बांड जारी करने के उपाय। निकाय शुल्क होंगे समान…
संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) में भी सुधार (यानी संभावित बढ़ोतरी) का प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत बीते पांच वर्षों औसत राज्य जीडीपी ग्रोथ के बराबर न्यूनतम संपत्तिकर वसूली में वृद्धि की जाएगी। वहीं निकायों द्वारा लिए जाने वाले सभी शुल्कों को भी समान किया जाएगा, यानी जहां शुल्क कम हैं, उन्हें बढ़ाया जाएगा। अब तक… 4 चरणों में 6000 करोड़ से अधिक के काम हो चुके पालिकाएं और परिषद को इतने रुपए मिलेंगे पांचवें चरण में… शहर और मास्टर प्लान की सड़कों को प्राथमिकता 1 पांचवें चरण में निकायों की मूलभूत अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इसमें मास्टर प्लान व मुख्य सड़कों का निर्माण, सड़क सुरक्षा सुधार, पेयजल–सीवरेज गैप भरना, एसटीपी निर्माण और राज्य की प्राथमिकता वाली परियोजनाएं शामिल होंगी। 2 योजना में मास्टर प्लान की सड़कों व शहर के प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता मिलेगी। जहां मास्टर प्लान लागू है, वहां सिर्फ वही सड़कें बनेंगी। अन्य निकायों में मुख्य मार्गों/पुलों का निर्माण होगा। चौड़ाई नपा परिषद में 14 मी. और नगर परिषद में 7 मी. रहेगी।


