गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में हुए मारपीट मामले में पुलिस ने शुक्रवार को सस्पेंड किए गए 15 एमबीबीएस छात्रों में से 6 पर शनिवार को एफआईआर दर्ज कर ली। मामला रैगिंग और हिंसा से जुड़ा बताया जा रहा है। 22 वर्षीय पारस मरैया, जो ईदगाह हिल्स में रहता है और मूल रूप से मुरार (ग्वालियर) का निवासी है, सेकंड ईयर का डे-स्कॉलर छात्र है। पारस ने बताया कि बुधवार देर रात करीब 1:15 बजे वह सीनियर युगीन चौधरी और बैचमेट निधि तोमर के साथ कैंटीन में मैगी खाने गया था। वहां मौजूद बैचमेट व हॉस्टलर पुष्पेंद्र सिंह ने फोन कर अन्य छात्रों को बुला लिया। पुष्पेंद्र के कहने पर अजय ब्राह्मणे, शिवम महावर, देव रघुवंशी, विवेक मालवीय और अमन पांडे पहुंच गए और पारस को गालियां देने लगे। विरोध करने पर सभी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान अमन लोहे की रॉड लेकर आया और पारस के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे सीनियर युगीन चौधरी पर भी रॉड से हमला किया गया और आरोपियों ने दोनों को लगातार पीटा। घटना को छात्रा निधि तोमर और छात्र तरुण ने बीच-बचाव कर रोकने की कोशिश की। पुलिस ने अब पूरे मामले में मारपीट और रैगिंग के आरोप में छह छात्रों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अगली बार यहां दिखे तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पीड़ित छात्र पुलिस थाना पहुंचा और केस दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत पर मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जूनियर इसे रैगिंग बता रहे हैं जूनियर छात्र घटना को रैगिंग का मामला बता रहे हैं, जिससे कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दो दिन पहले हॉस्टल में रूम को लेकर जूनियर और सीनियर छात्रों में तनाव हुआ था। पीड़ित छात्र ने एंटी रैगिंग कमेटी की हेल्पलाइन पर शिकायत की, जिसके बाद कमेटी की बैठक सोमवार को होगी। डीन डॉ. कविता एन सिंह ने कहा कि जिन छात्रों पर एफआईआर हुई है, वे सस्पेंड रहेंगे।


