कर्नाटक में कांग्रेस की जय भीम, जय बापू रैली-प्रियंका पहुंचीं:शिवकुमार ने भाजपा को गोडसे पार्टी बताया; कहा- उन्हें क्या पता बलिदान क्या होता है

कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस सासंद प्रियंका गांधी जय भीम, जय बापू, जय संविधान रैली में शामिल होने पहुंचीं। महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के 100 साल पूरे होने के मौके पर कर्नाटक कांग्रेस इस रैली का आयोजन कर रही है। इसके कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक CM सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी पहुंचे। इस मौके पर डिप्टी CM शिवकुमार ने कहा- भले ही गांधी जी की मृत्यु हो गई हो, लेकिन उनके मूल्य अभी भी जीवित हैं। यह सिर्फ कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं है। राष्ट्रपिता के नेतृत्व और अहिंसा आंदोलन को दुनिया के सभी नेताओं ने स्वीकार किया था। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा-हम गोडसे पार्टी की कही हुई बातें नहीं सुनना चाहते। जो लोग स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में नहीं जानते। उन्हें नहीं पता कि बलिदान क्या होता है। प्रियांक खड़गे बोले- अमित शाह की संविधान की टिप्पणी से विचलित नहीं होंगे कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने कहा था कि गांधी के राष्ट्रपति बनने के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण स्थगित कर दिया गया था।प्रियांक खड़गे ने अमित शाह की संविधान की टिप्पणी पर कहा- अंबेडकर के संविधान के किसी भी तरह की गलत व्याख्या बर्दाश्त नहीं किया जाएगी। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण कार्यक्रम टला कांग्रेस का जय बापू, जय भीम, जय संविधान अभियान 27 दिसंबर से ही शुरू होना था। साल 1924 में हुए कांग्रेस के बेलगावी अधिवेशन के 100 साल पूरे होने पर 26 और 27 दिसंबर को पार्टी ने विशेष अधिवेशन रखा था। तय तारीख पर अधिवेशन शुरू हो गया था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद शाम को अधिवेशन रद्द कर दिया गया था। साथ ही अभियान की तारीख भी आगे बढ़ा दी गई थी। अभियान के बारे में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया था कि महात्मा गांधी की विरासत और संविधान को बचाने के लिए हर ब्लॉक, जिले और राज्य में रैलियां की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर अभियान 26 जनवरी के बाद भी जारी रह सकता है। 1924 में बेलगाम में हुआ था कांग्रेस का अधिवेशन
देश के स्वतंत्रता संग्राम में बेलगावी महत्वपूर्ण केंद्र था। लोकमान्य तिलक ने 1916 में बेलगांव से ही अपना ‘होम रूल लीग‘ आंदोलन शुरू किया था। 1924 में हुआ बेलगावी अधिवेशन कांग्रेस का ऐसा पहला और आखिर अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी। बेलगावी के तिलकवाड़ी इलाके में विजयनगर नामक स्थान पर अधिवेशन हुआ था। अब कांग्रेस अधिवेशन के स्थल को प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बना दिया गया है। वहां एक कुआं बनाया गया था, जो आज भी अधिवेशन की गवाही के तौर पर मौजूद है। अधिवेशन में हुए खर्च से नाराज हुए थे महात्मा गांधी
महात्मा गांधी अधिवेशन शुरू होने से छह दिन पहले बेलगावी पहुंच गए थे। वे आजादी की मांग करने वाले ‘स्वराज’ गुट और अंग्रेजी शासन के तहत यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष वाले ‘नो-चेंज’ गुट के बीच एकता लाना चाहते थे। गांधी जी के लिए खेमाजीराव गोडसे नाम के कार्यकर्ता ने 350 रुपए खर्च करके बांस और घास की छोटी सी कुटिया बनाई। इस पर गांधी जी ने कहा कि मेरे जैसे साधारण इंसान के लिए इतने रुपए खर्च करना सही नहीं है। अधिवेशन के लिए विशाल शामियाना तैयार किया गया था। वह सर्कस के तंबू जितना बड़ा था और 5000 रुपए में किराए पर लिया गया था। आग से बचाव के लिए 500 रुपए का बीमा भी किया गया था। गांधी जी ने सजावट पर खर्च की गई रकम पर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने प्रतिनिधि शुल्क को घटाकर 10 रुपए से 1 रुपए करने का भी अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। इन सबके बावजूद बेलगावी अधिवेशन से कांग्रेस को 773 रुपए का लाभ हुआ। इसमें से 745 रुपए PUCC बैंक में जमा किए गए, 25 रुपए खर्च के लिए सचिव के पास रखे गए, और 1 रुपया कोषाध्यक्ष एनवी हेरेकर के पास छोटे-मोटे खर्चों के लिए रखा गए। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर भाजपा ने कहा- राहुल लीडर ऑफ पार्टिंइंग पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के बाद राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर भाजपा ने 31 दिसंबर को तंज कसा। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को कहा- देश शोक में है और राहुल पार्टी करने विदेश गए हैं। राहुल के लिए LOP का मतलब है लीडर ऑफ पार्टिंइंग। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *