नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) राष्ट्रीय संगठन ने मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प बहुत सोच समझकर चुनें। इससे कहीं अधिक बेहतर नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) है और सबसे बेहतर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) ही है। इसलिए OPS के आंदोलन को मजबूत करें। भारत सरकार 1 अप्रैल 2025 से यूपीएस लागू कर रही है। इससे पहले कर्मचारियों को यूपीएस-एनपीएस का विकल्प चुनना है। जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संगठन के नेताओं ने इसीलिए कर्मचारियों को आगाह किया है कि वे जल्दबाजी में गलत निर्णय न ले लें। संगठन के भोपाल जिला अध्यक्ष सुरसरि प्रसाद पटेल कहते हैं कि यूपीएस में उस 10% राशि से 25 साल बाद स्थिर पेंशन देने की बात की जा रही है, जो एनपीएस में काटी जा रही है। यानी यह राशि 25 साल तक निकाली नहीं जा सकेगी। इसलिए पुरानी पेंशन ही सबसे अच्छा विकल्प है। पटेल कहते हैं कि सरकार जब तक देश और प्रदेश में ओपीएस बहाल नहीं करती है, तब तक एनपीएस में बने रहना ही सर्वश्रेष्ठ है। जिसमें कर्मचारी के वेतन से काटी गई कम से कम 60% राशि वापस करने का प्रावधान तो है। वे कहते हैं कि साल 2030 से ही बड़ी संख्या में एनपीएस पेंशनधारी कर्मचारी रिटायर होने लगेंगे, ऐसे में एनपीएस खाते में जमा राशि में से 60% राशि वापस करने से बचने के लिए सरकार ने यूपीएस का षड़यंत्र किया है।


