राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल रोकने के लिए अब कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जाएगी। इसके लिए बोर्ड द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिनमें पूरी प्रक्रिया को 24 घंटे रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके साथ ही ओएमआर शीट पर अभ्यर्थियों से एक पैराग्राफ लिखवाया जाएगा। ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और नकल पकड़े जाने पर अभ्यर्थी के खिलाफ कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किया जा सके। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया की भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में अब कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा ओएमआर शीट पर अभ्यर्थियों से एक पैराग्राफ लिखवाया जाएगा। ताकि भविष्य में किसी भी तरह की नकल और धांधली पर अभ्यर्थी का हैंडराइटिंग के आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब से पहले हुई भर्तियों में भी काफी अभ्यर्थी गलत तरीके से सेलेक्ट हो चुके हैं। जिनके खिलाफ कोर्ट में पर्याप्त सबूत तक नहीं होते हैं। लेकिन अगर किसी अभ्यर्थी की हैंडराइटिंग मिसमैच होगी। तो यह कोर्ट में भी पुख्ता सबूत होगा। ऐसे में अब कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की हैंडराइटिंग ली जाएगी। इसके लिए ओएमआर शीट पर उनसे एक पैराग्राफ लिखवाया जाएगा। भविष्य में अगर सिलेक्शन के बाद उसे अभ्यर्थी को लेकर किसी तरह की आपत्ति या शिकायत मिलती है। तो उसकी हैंडराइटिंग एसएसओ आईडी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के वक्त मिलाई जाएगी। तब अगर हैंडराइटिंग नहीं मिलेगी। तो भारती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की हैंडराइटिंग के साथ ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भी भर्ती परीक्षा में नकल और धांधली को रोका जाएगा। इसके लिए कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करवाया गया है। जिसके तहत परीक्षा का पेपर जारी होने से लेकर भर्ती परीक्षा के पूरे वक्त में अगर कोई भी पर्यवेक्षक या अभ्यर्थी कुछ गड़बड़ी करेगा। तो वह सीधे कर्मचारी चयन बोर्ड मुख्यालय और जिला मुख्यालय इसकी सूचना आएगी। जिसके बाद अभ्यर्थी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आलोक राज ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं की अब 100% रिकॉर्डिंग करवाई जाएगी। रिकॉर्डिंग सिर्फ एग्जाम सेंटर की ही नहीं बल्कि, जिन स्थानों से पेपर भेजे जाएंगे। वहां की भी होगी ऐसे में जब भी पेपर का बॉक्स खोला जाएगा। वहां अगर किसी तरह की गड़बड़ी होगी। तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह जानकारी बोर्ड को उपलब्ध कर पाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर समय से पहले पेपर बॉक्स खोला गया है, या फिर पांच व्यक्ति से कम उस स्थान पर मौजूद है। तो यह आपत्ति सीधे कर्मचारी चयन बोर्ड मुख्यालय और जिला मुख्यालय पर पहुंच जाएगी। इसके बाद वहां सीधे एक्शन लिया जा सकता है। क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाएगी। इसके साथ ही भर्ती परीक्षा के दौरान अगर कोई अभ्यर्थी किसी दूसरे अभ्यर्थी को बार-बार देखता या बातचीत करता है। या फिर किसी गलत तरीके से नकल करने की कोशिश करेगा। तो उसकी जानकारी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सीधे जिला मुख्यालय और बोर्ड मुख्यालय पहुंचेगी। इससे भर्ती परीक्षा में होने वाली नकल और धांधली को आसानी से रोका जा सकेगा। कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि राजस्थान में यह पूरी प्रक्रिया 6 फरवरी को आयोजित होने वाली जीव भर्ती परीक्षा में लागू कर दी जाएगी। इसके साथ ही ड्रेस कोड में किए गए बदलाव को भी इस परीक्षा से लागू कर दिया जाएगा। ऐसे में पहली बार पुरुष अभ्यर्थी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती परीक्षाओं में कुर्ता और पजामा पहन कर भी हिस्सा ले सकेंगे।


