मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की परीक्षाओं में अब आम अभ्यर्थी को सीधा और ठोस फायदा मिलने वाला है। बोर्ड परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित परीक्षा गवर्नेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था का मकसद है कि उम्मीदवार का डेटा, प्रश्नपत्र, उपस्थिति, अंक और मेरिट लिस्ट ऐसी तकनीक पर दर्ज हों, जिसमें किसी भी स्तर पर छेड़छाड़ न हो सके। ईएसबी चेयरमैन संजय कुमार शुक्ला बोले- परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह नया सिस्टम तैयार करने का निर्णय लिया गया है। क्या बदलेगा? : डेटा बदला नहीं सकेंगे, मेरिट से छेड़छाड़ नहीं होगी ब्लॉकचेन तकनीक में डेटा छोटे-छोटे डिजिटल ब्लॉकों में दर्ज होता है, जो एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। एक बार जो जानकारी दर्ज हो गई, वह बदली नहीं जा सकती। हर गतिविधि का ऑटोमैटिक रिकॉर्ड बनता है, जो हमेशा सुरक्षित रहता है।
– यानी नंबर घट-बढ़ नहीं सकते। मेरिट लिस्ट से छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। बाद में यह नहीं कह सकेंगे कि रिकॉर्ड नहीं मिला। बोर्ड हर साल औसतन 15 परीक्षाएं कराता है, जिनमें 20 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। अभ्यर्थियों को क्या लाभ? : फॉर्म भरने से लेकर मेरिट लिस्ट तक, हर चरण में इंसानी दखल कम होगा… डमी कैंडिडेट और फर्जी एंट्री रुकेगी


