कर्मी-अफसरों के SIR में लगने से तहसीलों में 1 लाख से ज्यादा मामलों की सुनवाई ठप

राजधानी समेत राज्यभर की तहसीलों में जमीन के लंबित मामलों की संख्या एक लाख के पार हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह है एसआईआर का काम। इसमें तहसील के बड़े अफसरों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक की ड्यूटी लगा दी गई है। सबको सख्त निर्देश है सबसे पहला काम एसआईआर का, इसके बाद ही कोई दूसरा काम करें। 18 दिसंबर तक मतदाता सूची के आंकड़े को 100% लाना है। यानी कोई भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं छूटना चाहिए। यही वजह है कि तहसीलों में सन्नाटा है। जिलों में जिस तेजी से जमीन और राजस्व मामलों के लंबित होने की संख्या बढ़ती जा रही है, उतनी ही तेजी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अपनी ही जमीन पाने या उसकी खरीदी-बिक्री के लिए लोगों को अफसरों के आदेश का इंतजार करना पड़ रहा है। अफसरों का कहना है कि एसआईआर, धान की खरीदी कई जरूरी कामों में उनकी ड्यूटी है। ऐसे में राजस्व मामलों की सुनवाई चाहकर भी नहीं कर पा रहे हैं। अभी राज्यभर में सबसे ज्यादा रायपुर में 5 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। लंबित मामलों को लेकर मंत्री से लेकर जिलों के कलेक्टर तक परेशान हो चुके हैं। चुनाव में हुआ था आंकड़ा 1.70 लाख के पार: राज्यभर में राजस्व के लंबित मामलों का आंकड़ा विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान 1.7 लाख के पार हुआ था। उस दौरान करीब दो महीने तक अफसर चुनाव के कामों में व्यस्त थे। अभी एसआईआर, धान खरीदी और दूसरे कामों की वजह से आंकड़ा फिर एक लाख के पार हो गया है। अभी मतदाता सूची बनाने का काम फरवरी 2026 तक चलेगा। ऐसे में दावा भी नहीं किया जा रहा है कि आने वाले दो माह में लंबित मामलों की संख्या कम कर दी जाएगी। केवल एक माह में ही 65 हजार से ज्यादा नए मामले लंबित हो चुके हैं। दफ्तर में कम रहते हैं अफसर फील्ड का बहाना कर देते हैं: तहसीलों में राजस्व मामलों की सुनवाई एसडीएम, तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों को करनी है। नियमों के अनुसार हफ्ते में उन्हें दो दिन सुनवाई करनी ही है। इतना ही नहीं वे चाहें तो इस रोस्टर को बढ़ा भी सकते हैं। लेकिन अभी एसआईआर का काम होने की वजह से वे दफ्तर के बाहर होने का हवाला देते हैं। रायपुर के किसी भी तहसील में अफसर रोज सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई बार वे वीआईपी ड्यूटी का भी हवाला देकर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा देते हैं। लोगों को इस तरह की परेशानी लोगों को परेशान होने नहीं देंगे
तहसील के अफसरों से कहा गया है कि लोक सेवा गारंटी के तहत राजस्व के मामले तय समय सीमा में ही निपटाने हैं। जो पुराने मामले हैं, उनका पहले निराकरण किया जाए। लोगों को परेशान होने नहीं देंगे।- टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *