क्रिसमस और नववर्ष से पहले रायपुर में केक व बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता जांचने खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को निरीक्षण अभियान चलाया। अपमिश्रण और घटिया गुणवत्ता की आशंका के बीच 7 बेकरी में संयुक्त टीम ने छापे मारे। इस दौरान 15 विधिक और 2 सर्विलांस सैंपल लिए। इस कार्रवाई के दौरान ए-1 बेकरी, मालवीय रोड से स्पंज केक व ब्रेड के 2 विधिक सैंपल लिए गए। लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट(ब्रेड बास्केट), समता कॉलोनी से केक मिक्स, शुगर बॉल्स, जीरा कूकीज और बटर लच्छा कूकीज के 4 सैंपल लिए गए। गंदगी मिलने पर 2 मशीनें एक सप्ताह के लिए सील किया और दोनों को सुधार नोटिस दिया गया। इसी तरह थियोब्रोमा से 2 सर्विलांस सैंपल, ओवेन शेफ, कटोरा तालाब से लूज केक का विधिक सैंपल लिए गए। इसके अलावा आरना बेकर्स प्रा. लि., जरौदा (बलौदाबाजार रोड) से चॉकलेट, कोकोनट, अंजवाइन कूकीज सहित रस्क टोस्ट और लूज मैदा के सैंपल जब्त की गई। वहीं, मैड बेकर्स, कोटा से डबल चोको चिप्स कुकीज और लूज ड्राई वेनिला केक के सैंपल लिए गए हैं। जब्त किए गए सभी सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी मिलेगी। यदि सैंपल फेल पाए गए तो फैक्ट्री प्रबंधन पर जुर्माना, कानूनी कार्रवाई और उत्पादों की बिक्री पर रोक भी लगाई जा सकती है। – राखी राजपूत, फूड इंस्पेक्टर फैक्ट्री के भीतर गंदगी में बन रही थी ब्रेड, कुकीज व बन ट्रे में जमी धूल, चूहों के बीच गुथ रहा था आटा छापे के दौरान अग्रसेन चौक के पास लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट (ब्रेड बास्केट) की फैक्ट्री में फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ भास्कर की टीम पहुंची। अंदर गंदगी साफ नजर आई। फर्श से लेकर मशीनों तक हर जगह धूल और ब्रेड व अन्य सामग्री के टुकड़े बिखरे पड़े थे। फ्रिज में भी एक ओर मक्खन तो एक ओर गंदगी थी। टीम को देखकर आनन-फानन में साफ-सफाई शुरू कर दी गई। ब्रेड और कुकीज बनाने वाले ट्रे इतने गंदे थे कि उन पर धूल की मोटी परत दिख रही थी। सर्किल ब्रेड बनाने वाली ट्रे पर डस्ट की पूरी लेयर जमी हुई थी और उसी ट्रे से लगातार ब्रेड निकाली जा रही थी। उसी ट्रे में एक चाकू भी रखा हुआ था, जिससे आटा काट-काटकर डाला जा रहा था। चाकू को धोने की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। पास ही मैदा की बोरियां रखी थीं, जिनके आसपास बड़े-बड़े चूहे घूमते दिखाई दिए। जिस जगह आटा खोला जा रहा था, वहां ऊपर की छत की पपड़ी नीचे गिर रही थी, जो सीधे आटे में मिलती नजर आ रही थी। कुकिंग मशीन के ऊपर की छत पूरी तरह काली पड़ चुकी थी। फैक्ट्री के बाहर भी हालात खराब थे। अंदर से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के कारण नाली पूरी तरह जाम थी और आसपास गंदगी फैली हुई थी। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, मेडिसिन एक्सपर्ट ऐसे खानपान से लोगों को पेट व हृदय संबंधी बीमारी हो सकती है यदि खाद्य पदार्थ साफ-सफाई के बिना और गंदगी में तैयार किए जा रहे हैं, तो उनसे बनने वाले उत्पाद लोगों के लिए, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए, गंभीर रूप से हानिकारक हो सकते हैं। इससे पेट खराब होना, उल्टी, मतली, पेट दर्द और पेट का संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि इनमें साफ तेल या गुणवत्तापूर्ण मैदा का उपयोग नहीं किया जा रहा हो, तो लंबे समय में किडनी और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।


