आंदोलन:जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का विरोध, विधानसभा में तख्ती लेकर नारेबाजी, भाजपा दफ्तर का घेराव

नेशनल हेराल्ड के साथ ही जांच एजेसियों के दुरुपयोग के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन किया। पहले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने प्रश्नकाल ही चलने नहीं दिया। कांग्रेस नेताओं ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर चर्चा कराए जाने की मांग की। कांग्रेस के सभी विधायक सत्यमेव जयते लिखी तख्ती लेकर सदन में पहुंचे लेकिन स्पीकर ने तख्ती लेकर सदन में बैठने की अनुमति नहीं दी। भाजपा विधायकों ने भी कांग्रेस विधायकों का विरोध किया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच नोंकझोंक भी हुई। कांग्रेस और भाजपा विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे। इस दौरान प्रश्नकाल बाधित रहा और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत ने एजेंसियों के दुरुपयोग के विषय पर लाए गए स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। जिस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा लगातार एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है। गलत तरीके से बयान दिलवाए जा रहे हैं और जिसे चाहे जब चाहे उसकी गिरफ्तारी की जा रही है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि केंद्र की किसी एजेंसी पर यहां के सदन में चर्चा नहीं हो सकती है। स्पीकर डा.रमन सिंह ने कहा कि मैं इस प्रस्ताव को अपने कमरे में अग्राह्य कर चुका हूं इसलिए इस विषय पर यहां चर्चा नहीं हो सकती और कार्यवाही आगे बढ़ा दी। स्पीकर के कथन के बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर गए जिसके बाद सभी कांग्रेस विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। भाजपा कार्यालय घेरने पहुंचे कांग्रेसियों की पुलिस से झूमा-झटकी, ईडी पर भी सवाल इधर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से इस मामले में भाजपा दफ्तर का घेराव किया गया। कार्यालय घेराव करने से पहले बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पंडरी स्थित मिनीमाता चौक के पास एकत्रित हुए। वहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पैदल भाजपा दफ्तर की ओर बढ़े। जैसे ही कांग्रेस नेताओं की पदयात्रा मेकाहारा चौक के पास पहुंची, पुलिस ने वहां लगाए गए बैरिकेड्स से कार्यकर्ताओं को रोका। लेकिन आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमा-झटकी भी हुई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई की जा रही है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ईडी-ईओडब्ल्यू पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पप्पू बंसल की गवाही पर मेरे बेटे को जेल हुई, उसे पहले ही फरार घोषित किया गया। आज उसी फरार पप्पू बंसल को ईडी बयान के लिए लेकर आई। जब हमारे वकील ने याद दिलाया कि पप्पू बंसल फरार है तो पप्पू बंसल के साथ एजेंसी भी भाग खड़ी हुई। भारतीय जनता पार्टी की बदले की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है। विभाजनकारी ताकतों के कारण वंदे मातरम् अधूरा, तुष्टिकरण हावी: साय राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित विशेष चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विभाजनकारी ताकतों और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम् को उसके मूल और पूर्ण स्वरूप में नहीं लिया गया। हमारा राष्ट्रगीत कोई ऐसा गीत नही जिसकी पंक्तियां अपनी सुविधा से काटी जा सकें। लेकिन जब कोई पार्टी तुष्टीकरण की पट्टी आंखों में डाल लेती है तो उसे कही भी न्याय नजर नहीं आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् को इसलिए अधूरे रूप में लिया गया क्योंकि मुस्लिम लीग के लोग विरोध कर रहे थे। मुस्लिम लीग अंग्रेजों की भाषा बोल रही थी। उसके दबाव में आकर वंदे मातरम् के मूल स्वरूप को स्वीकार नहीं किया गया। इस तुष्टीकरण की नीति का परिणाम भारत के विभाजन के रूप में हुआ। वंदे मातरम् केवल राष्ट्र गीत नहीं यह देश की सांस्कृतिक चेतना है। जिस मंत्र के उद्घोष से अंग्रेजी हुकूमत कांपती थी और जिस गीत को गाते हुए असंख्य क्रांतिकारियों ने फांसी का फंदा चूमा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *