नर्मदापुरम कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर, कलेक्ट्रेट की फर्जी सील से आदिवासी की जमीन बेचने और उसका नामांतरण करने के मामले में धोखाधड़ी की एफआईआर हुई है। सिवनीमालवा थाने में पुलिस ने जमीन खरीदने, बेचने वाले 5 आरोपियों के अलावा सर्विस प्रोवाइडर और पटवारी को भी आरोपी बनाया है। जमीन बेचने का मामला सिवनीमालवा के सीरूपुरा गांव का है। तीन आदिवासी किसानों की भूमि को गैर आदिवासियों के पक्ष में बिना कलेक्टर की अनुमति के बेच दिया गया। जिसका पंजीयन उप पंजीयक कार्यालय सिवनी मालवा में हुआ और तहसीलदार सिवनी मालवा के न्यायालय से भी खरीदने वालों के पक्ष में नामांतरण कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर भूमि का विक्रय, पंजीयन और नामांतरण हुआ है, वो पूरे तरीके से फर्जी रहे। नर्मदापुरम कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी सील लगाकर जमीन को बेचा और नामांतरण कराया गया। अनुमति के प्रकरण क्रमांक और जावक क्रमांक भी फर्जी बताए गए हैं। 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
मामला संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर नर्मदापुरम सोनिया मीना ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसके आधार पर भूमि के बेचने और नामांतरण के लिए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक एफआईआर करने का पुलिस अधीक्षक को कहा है। उप पंजीयक सिवनी मालवा को 28 अक्टूबर को आपराधिक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। उप पंजीयक परशुराम अहिरवार की शिकायत पर पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। जिनमें तीन जमीन खरीदने वाले, दो बेचने और सर्विस प्रोवाइडर, पटवारी है। धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस सिवनी मालवा थाना प्रभारी अनूप उईके ने बताया कि 7 आरोपियों के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर और सील का दुरूपयोग करने के अपराध में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में विक्रेता पुष्पेंद्र बड़कुड़, उनकी मां श्रीमना बड़कुड़, क्रेता सोनाली खंडेलवाल, प्रेरणा खंडेलवाल ,अनुराग जलखरे, पटवारी नरेंद्र सोलंकी, सर्विस प्रोवाइडर आशुतोष गुर्जर है। पटवारी को किया जा चुका है निलंबित पूरे मामले में हल्का पटवारी नरेन्द्र सोलंकी की भूमिका अहम रही। जिसके चलते उसे पहले नोटिस दिया था। बाद में 2 दिसंबर को सस्पेंड किया गया। तीनों भूमियों का विवरण


