कलेक्टर के 17 अधिकार पुलिस कमिश्नर को देंगे, शस्त्र लाइसेंस से लेकर NSA तक लगा सकेंगे

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी 23 जनवरी से लागू होने जा रही है। इसका नोटिफिकेशन एक-दो दिन में जारी हो जाएगा। इसके पहले दैनिक भास्कर बताने जा रहा है कि कलेक्टर के कौन से अधिकार अब पुलिस कमिश्नर को मिलने के आसार हैं। इसका खाका तैयार हो चुका है। फाइल विधि विभाग के पास पहुंच चुकी है। इसमें 17 तरीके अधिकार कमिश्नर को देने की तैयारी है। इसमें धरना अनुमति, जिला बदर, एनएसए से लेकर शस्त्र लाइसेंस देने जैसे पावर अब कमिश्नर को मिल सकते हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली जैसे राज्यों का अध्ययन कर यह अधिकार तैयार किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के नाम पर मंथन चल रहा है, लेकिन एडिशनल पुलिस कमिश्नर वर्तमान एसएसपी लाल उम्मेद सिंह का बनना तय है। पुलिस कमिश्नर को जेल समेत ये अधिकार मिलने की संभावना 1. छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम, 2007: सभा, जुलूस, धरना या सार्वजनिक कार्यक्रम की मंजूरी, धारा 144 लगाने का अधिकार पुलिस कमिश्नर (सीपी) को मिलने जा रहा।
2. कैदी अधिनियम, 1900 : जेल में बंद कैदी को पारिवारिक कारण, बीमारी या विशेष परिस्थिति में कुछ समय के लिए पैरोल का अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास होगा।
3. जेल अधिनियम, 1894: जेल प्रशासन कलेक्टर के अधीन काम करता है। अब पुलिस कमिश्नर जेल में अव्यवस्था, अमानवीय व्यवहार, सुरक्षा चूक पर कार्रवाई कर सकेंगे।
4. विष अधिनियम, 1919: शक हो कि कहीं जहर अवैध रूप से रखा या बेचा जा रहा है तो कलेक्टर तलाशी का वारंट जारी करता है। अब पुलिस कमिश्नर आदेश जारी करेंगे।
5. अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम, 1956: देह व्यापार से जुड़े मामलों में कलेक्टर अनुभवी रिटायर्ड अफसर को विशेष पुलिस अधिकारी बना सकता है। ये अधिकारी छापा मार सकते हैं। अब पुलिस कमिश्नर इसको कर सकेंगे।
6. मोटर वाहन अधिनियम, 1988: सीपी जिले का ट्रैफिक कंट्रोलर होगा। तय करेगा कि कौन सा वाहन कहां चलेगा,कहां पार्किंग होगी, कितनी स्पीड होगी। हॉर्न पर रोक,भारी वाहनों की एंट्री बंद जैसे निर्णय सीपी ही लेगा।
7. गैरकानूनी गतिविधि, 1967: अगर केंद्र किसी जगह को गैरकानूनी संगठन से जुड़ी घोषित कर दे, तो वहां की जमीन, मकान, सामान का प्रबंधन कलेक्टर संभालता है। अब पुलिस कमिश्नर संभाल सकेंगे।
8. राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990: अपराधी या असामाजिक तत्व के जिला बदर की कार्रवाई पुलिस कमिश्नर करेंगे।
9. ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923: गोपनीय दस्तावेज, जासूसी, संवेदनशील इलाकों की जानकारी से जुड़े केस में तलाशी के आदेश कमिश्नर कार्यालय से जारी होंगे।
10. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980: अगर कोई देश की सुरक्षा,राज्य की शांति, सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हो तो उसे बिना मुकदमा चलाए। कुछ समय के लिए जेल में रखने का आदेश पुलिस कमिश्नर देंगे।
11. पुलिस में असंतोष फैलाने का अधिनियम, 1922: कोई पुलिस को भड़काने या ड्यूटी से रोकने की कोशिश करे तो उस पर केस चलाने से पहले कलेक्टर की अनुमति जरूरी थी, अब कमिश्नर यह अनुमति देंगे।
12. सिनेमा अधिनियम, 1952: सिनेमा हॉल खोलने का लाइसेंस सीपी देंगे। फिल्म या शो से हिंसा,अशांति फैल सकती है, तो वे भी रोक लगा सकेंगे। 13. पेट्रोलियम अधिनियम, 1934: पेट्रोल, डीजल, गैस से जुड़े लाइसेंस,भंडारण, परिवहन पर नियंत्रण, हादसा होने पर जांच के आदेश सीपी देंगे।
14. देशद्रोही सभा रोकथाम अधिनियम, 1911: अगर कोई सभा सरकार के खिलाफ विद्रोह, हिंसा, नफरत फैला सकती है तो कमिश्नर उस पर पहले ही रोक लगाएंगे।
15. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960: पशुओं पर अत्याचार की सूचना मिलने पर सीपी तलाशी और कार्रवाई कर सकेंगे।
16. शस्त्र अधिनियम,1959: शस्त्र लाइसेंस आवेदन कलेक्टर ऑफिस के बजाय सीपी के पास होगा।
17. विस्फोटक अधिनियम, 1884: विस्फोटकों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और उपयोग के लिए अनुमति सीपी कार्यालय से लेनी होगी।

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