कलेक्टर ने अन्नपूर्णा रसोई में खाया खाना:बोलीं- यहां भी लोग कोटा की तरह ज्यादा मिर्ची खाते हैं? बस स्टैंड में सफाई से दिखी नाखुश

टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर कलेक्टर का अचानक निरीक्षण किया गया, जहां उन्हें सबसे बड़ी कमी सफाई में दिखी। नगर परिषद द्वारा बनवाए गए सुलभ कॉम्प्लेक्स को भी देखा और वहां सफाई की आवश्यकता जताई। इसी दौरान अन्नपूर्णा रसोई में बैठकर खाना भी खाया, जहां मिर्ची ज्यादा होने पर कलेक्टर ने संचालक से पूछताछ की। कलेक्टर ने कहा कि क्या यहां लोग भी कोटा की तरह ज्यादा मिर्ची खाते हैं? अन्नपूर्णा रसोई में खाया खाना, मिर्ची ज्यादा लगी कलेक्टर टोंक कल्पना अग्रवाल शुक्रवार सुबह करीब दस बजे रोडवेज बस स्टैंड पहुंचीं। उन्होंने वहां बुकिंग व्यवस्था, पेयजल, बिजली, महिला सुरक्षा और शौचालय जैसी यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। रोडवेज के मुख्य प्रबंधक पवन कुमार मीना से सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जहां कमी नजर आई, वहां सुधार के निर्देश दिए। बस स्टैंड परिसर में संचालित अन्नपूर्णा रसोई का भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया। उन्होंने सामान्य यात्रियों की तरह बेंच पर बैठकर खाना खाया। खाने में मिर्ची ज्यादा लगी तो उन्होंने रसोई संचालक से पूछा- टोंक में भी लोग कोटा की तरह ज्यादा मिर्ची खाते हैं? इस पर संचालक कुछ बोलते उससे पहले ही वहां मौजूद एक व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-“मैडम, यहां तो लोग इसे भी कम बताते हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम हुकमीचंद रोलानिया भी उनके साथ मौजूद रहे। ​​​​​ अचानक पहुंची कलेक्टर, व्यवस्थाओं का किया जायजा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बस स्टैंड की सफाई करते कर्मचारी मिले। इस पर वहां मौजूद लोग कहते भी सुने गए कि कलेक्टर के निरीक्षण की जानकारी मिलते ही रोडवेज प्रबंधन ने तेजी से सफाई शुरू करवाई है, वरना यहां की व्यवस्थाएं हमेशा भगवान भरोसे रहती हैं। सफाई में सबसे ज्यादा कमी, सुलभ कॉम्प्लेक्स पर सख्त निर्देश निरीक्षण में कलेक्टर को सबसे बड़ी कमी सफाई में दिखी। उन्होंने साफ-सुथरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर परिषद द्वारा बनवाए गए सुलभ कॉम्प्लेक्स को भी देखा और वहां सफाई की आवश्यकता जताई। कलेक्टर ने कहा कि दिनभर यहां बड़ी संख्या में यात्री आते हैं लेकिन सफाई की व्यवस्था उनके मुकाबले बिल्कुल कम है। यह सुलभ कॉम्प्लेक्स फ्री ऑफ कॉस्ट होने के कारण यात्री ज्यादा आते हैं, लेकिन सफाई सिर्फ एक बार होती है जो बिल्कुल पर्याप्त नहीं है और इसमें सुधार किया जाएगा।

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