समय पर काम नहीं करने वाले पंचायत सचिव व जनपद सीईओ पर कलेक्टर ने जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 250 रुपए से 1750 रुपए तक लगाया है। जुर्माना अगले तीन दिन में भरना हाेगा। जुर्माना लोक सेवा गारंटी नियम के तहत लगाया है। तय समय से जितने ज्यादा दिन की देरी की गई उतना अधिक जुर्माना लगा है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अपने अधिकार का उपयोग करते हुए, आर्थिक सांख्यिकी विभाग के प्रकरण को समय सीमा के अंदर निराकरण न करने, साथ ही इसके लिए पूर्व में भी पंचायत सचिवों को निर्देशित करने के उपरांत भी प्रकरण का निराकरण समय सीमा में नहीं किया गया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस का भी ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा समाधान कारक जवाब नहीं दिया गया। लोक सेवा गांरटी अधिनियम 2010 की धारा 7 (क) का उल्लंघन है। सचिवों एवं सीईओ के द्वारा आवेदन को विलंबित करने एवं समय सीमा पर निराकृत नहीं करने पर दंड स्वरूप जुर्माना लगाया गया। लापरवाही और प्रकरणों का निराकरण समय सीमा के अंदर नहीं करने पर बंडा, रहली, केसली, मालथौन, जैसीनगर, शाहगढ़, देवरी एवं सागर के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिवों पर जुमाना लगाया गया है। इन पंचायत सचिवों पर लगा जुर्माना : जनपद पंचायत बंडा की पंचायत टागिया की प्रीति जैन, गनयारी के हरिदास अहिरवार, मगरधा के दिनेश रावत, सेमरादांत के अनुरूद्ध सिंह, जनपद पंचायत रहली की पंचायत केंकरा के बुठे पटैल, जनपद केसली की पंचायत मोहासा के शंकर सिंह घोषी, जनपद देवरी की ईशुरपुर पंचायत के गौरीशंकर लोधी, जनपद मालथौन की पाली रैयतवारी पंचायत के अजय जैन, जनपद जैसीनगर की ग्राम पंचायत हनोतासागर के गोविंद सिंह, जनपद शाहगढ़ की पंचायत बटठवाहा के बालकिशन विश्वकर्मा एवं जनपद सागर की बदौना पंचायत के सचिव अजीत सिंह राजपूत पर जुर्माना लगा है। इनके साथ ही जनपद जैसीनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीराम सोनी पर भी जुर्माना लगाया है।


