जिले के अलाय क्षेत्र को नवसृजित पंचायत समिति का मुख्यालय बनाने की मांग ने अब तूल पकड़ लिया है। अपनी मांगों को लेकर पिछले लंबे समय से आंदोलित ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर उग्र रुख अपनाते हुए अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि जब तक अलाय को मुख्यालय घोषित नहीं किया जाता, उनका यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। दिसंबर से जारी है अनिश्चितकालीन धरना उल्लेखनीय है कि श्रीबालाजी-अलाय नई पंचायत समिति के गठन की घोषणा के बाद से ही मुख्यालय के स्थान को लेकर विवाद गहराया हुआ है। मुख्यालय की मांग को लेकर ग्रामीण बीते 17 दिसंबर से लगातार जिला मुख्यालय पर महापड़ाव डाले हुए हैं। कड़ाके की सर्दी के बावजूद ग्रामीणों का हौसला डिगा नहीं है और वे दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार उनकी जायज मांग की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरन इस तरह के कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। भौगोलिक स्थिति और संसाधनों का दिया हवाला प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का तर्क है कि अलाय न केवल भौगोलिक दृष्टि से केंद्र में स्थित है, बल्कि यहां आवश्यक संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर है। ग्रामीणों के अनुसार, अलाय को मुख्यालय बनाने से क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और प्रशासनिक कार्य सुलभ हो सकेंगे। इसी प्राथमिकता को आधार बनाकर ग्रामीण लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर अब उन्होंने अर्धनग्न प्रदर्शन कर प्रशासन को चेताने का प्रयास किया है। 26 जनवरी को कलेक्ट्रेट में देंगे धरना ग्रामीण हिम्मताराम का कहना है कि हम 36 दिन से धरने पर बैठे हैं और हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब 26 जनवरी को कलेक्ट्रेट पर फिर प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो हम हाइवे जाम करेंगे।


