सुभाष चंद्र ठाकुर | बेरमो तत्कालीन गिरिडीह जिला से 6 दिसंबर 1972 को बेरमो अनुमंडल की स्थापना की गई थी। स्थापना के 53 वर्ष बीतने का बावजूद बेरमो अनुमंडल की अपेक्षित विकास नहीं हो सकी है। यह क्षेत्रफल, आबादी, औद्योगिक स्थिति, सुविधा आदि को देखते हुए जिला बनने की योग्यता रखता है। इसको लेकर वर्षों से आंदोलन भी होते रहे हैं, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकल सका है। जिला बनाओ संघर्ष समिति ने वर्ष 2023 के 6 दिसंबर से 29 फरवरी 2024 तक लगातार 86 दिनों तक तेनुघाट स्थित बेरमो अनुमंडल मुख्यालय में अनशन किया। इससे पूर्व 51 दिनों तक अनुमंडल के सभी पंचायतों में जन जागरण कार्यक्रम सहित अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट से रांची स्थित विधानसभा तक पैदल मार्च करते हुए मांग पत्र सौंपा गया। इधर अनशन के बाद तत्कालीन चंपई सोरेन सरकार से जिला निर्माण का आश्वासन मिलने के बावजूद इसमें कोई पहल नहीं हुई। बेरमो अनुमंडल का पश्चिमी छोर में स्थित झुमरा गांव से बोकारो जिला मुख्यालय की दूरी 120 किमी जबकि झुमरा से रांची मुख्यालय की दूरी 90 किमी तथा रामगढ़ जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 40 किमी है। यानी झुमरा के लोगों जिला मुख्यालय जाने से नजदीक राजधानी जाना है। इसी तरह जगेश्वर बिहार से बोकारो की दूरी 90 किमी है। बेरमो अनुमंडल के दर्जनों अन्य गांवों से जिला मुख्यालय की दूरी 100 या 100 किमी से ज्यादा है। इस तरह बेरमो के लोग अनुमंडल निर्माण के 50 वर्षों बाद तक समस्या झेल रहे हैं। बेरमो अनुमंडल निर्माण के 53 वर्ष बीतने के बाद भी अनुमंडल का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो सका है। बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट में एक इंच जमीन भी गैर सरकारी नहीं है जिसके कारण विकास रुका हुआ है। तेनुघाट की सारी जमीनें सिंचाई विभाग की है। सिंचाई विभाग किसी को लीज पर या भाड़े पर देना नहीं चाहती। एशिया महादेश का सबसे बड़ा मिट्टी का डैम तेनुघाट है जो प्रति वर्ष लगभग 22 करोड़ रुपए सरकार को पानी बेचकर राजस्व देता है। लेकिन उसका 10 प्रतिशत भी झारखंड सरकार डैम के रख रखाव मेंटेनेंस तथा क्षेत्र के विकास में खर्च नहीं करता। पर्यटन के दृष्टिकोण से यहां कई संभावनाएं हैं। लेकिन सरकार द्वारा पर्यटन के लिए कोई बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। सृजित होने के बाद खाली है कई पद अनुमंडल में दर्जनों पदाधिकारियों का पद सृजित है। परंतु अनुमंडल पदाधिकारी के अलावे सभी पद खाली हैं अथवा पदभार पर चलते आ रहा है। बेरमो अनुमंडल का सृजन वर्ष 1972 में अविभाजित बिहार के समय हुआ था। इसकी आबादी लगभग 2011 के जनगणना के अनुसार 11 लाख 7672 था। अभी यहां की आबादी लगभग 16 लाख से भी ज्यादा है। बेरमो अनुमंडल में करोड़ों रुपए राजस्व देने वाली संस्थाओं में सीसीएल, डीवीसी, ओरिका का बारुद कारखाना, ओएनजीसी प्लांट, सेल का भंडारीदह स्थित प्लांट आदि है। इस क्षेत्र में 6 िडग्री व 9 इंटर कॉलेज है यहां 6 डिग्री कॉलेज, 9 इंटर कॉलेज एक जवाहर नवोदय विद्यालय, कई डीएवी विद्यालय, कई कस्तूरबा विद्यालय सहित, 20 उच्च विद्यालय, तेनुघाट पेयजल स्वच्छता विभाग का प्रमंडल स्तरीय कार्यालय, वाणिज्य कर विभाग कार्यालय भी यहां कार्यरत है जो जिला बनने के सभी आहर्ता पूरी करने में सहायक है।


