कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी आतंकी मामले में दोषी करार:सजा पर सुनवाई 17 जनवरी को, NIA कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली की NIA कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी और उसकी दो साथियों-सोफी फहमीदा और नाहिदा नसीरीन को एक आतंकी मामले में दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई 17 जनवरी को होगी। आसिया अंद्राबी महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख बताई जाती है। आसिया अंद्राबी को साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने उस पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, लोगों के बीच नफरत फैलाने और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आतंकी साजिश रचने के आरोप लगाए थे। अदालत ने तीनों को दोषी माना है। इस मामले की सुनवाई पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में हुई थी। फैसला सुरक्षित रखने के बाद केस दिल्ली की ही कड़कड़डूमा कोर्ट भेजा गया था। इससे पहले 21 दिसंबर 2020 में NIA कोर्ट ने आसिया अंद्राबी और उसकी दो सहयोगियों पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, देशद्रोह और आतंकी गतिविधियों की साजिश के आरोप तय किए थे। दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन भारत में बैन आसिया अंद्राबी ने 1987 में दुख्तरान-ए-मिल्लत बनाया था। यह कश्मीर में महिला अलगाववादियों का संगठन है। यह संगठन कश्मीर घाटी में सक्रिय अलगाववादी समूहों से जुड़ा बताया जाता है। भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। आसिया अंद्राबी अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। आसिया अंद्राबी की शादी डॉ. कासिम फख्तू से हुई है। डॉ. कासिम भी आतंकी कमांडर है और अभी उम्रकैद की सजा काट रहा है। NIA के अनुसार आसिया का संगठन पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों की मदद से कश्मीर में लोगों को भारत सरकार के खिलाफ भड़काने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया जैसे ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और टीवी चैनलों जिसमें पाकिस्तान के चैनल भी शामिल हैं, के जरिए भारत विरोधी और भड़काऊ संदेश फैलाते थे।
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