नर्मदापुरम संयुक्त किसान (गैर-राजनीतिक) मोर्चा कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा निकाल रहा है। यह यात्रा 24 फरवरी को नर्मदापुरम जिले में पहुंचेगी। किसान नेताओं के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य किसानों के मुद्दों को देशभर में उजागर करना है और उनकी आवाज को सरकार तक पहुँचाना है। यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी यात्रा 7 फरवरी को कन्याकुमारी से एक विशाल जनसभा के साथ शुरू हुई। इसे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रवाना किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के किसान नेता मौजूद रहे, जिनमें जगजीत सिंह डल्लेवाल (पंजाब), क्क्रुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक), पी. आर. पांड्यंन और पी. अय्यकन्नू (तमिलनाडु), अभिमन्यु कोहाड़ (हरियाणा), और इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान) शामिल थे। अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते पर चिंता यात्रा के दौरान किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया।
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर नॉन-टैरिफ प्रतिबंध हटने से भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल जाएगा और इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। शांताकुमार ने अमेरिका में किसानों को मिलने वाली भारी सब्सिडी और भारत में कम सहायता का मुद्दा उठाया। किसानों की प्रमुख मांग: MSP गारंटी कानून पी. अय्यकन्नू ने बताया कि एमएसपी गारंटी कानून किसानों की प्रमुख मांग है और इसे लागू करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही किसान नेता बाजारों में उचित मूल्य और फसलों की सुरक्षा की बात भी उठाते रहे। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के जिला प्रवक्ता केशव साहू ने बताया कि यात्रा 18 फरवरी 2026 को नर्मदापुरम जिले में प्रवेश करेगी। सुखतवा से आने के बाद जिलेभर में यात्रा के कार्यक्रम होंगे और किसानों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।


