डीडवाना में कस्टोडियन जमीनों को सरकारी घोषित कर सरकारी कार्यालयों को आवंटित करने के विरोध में किसानों का महापड़ाव सोमवार को 22वें दिन भी जारी रहा। समाधान न निकलने के कारण किसानों ने बाइक रैली और रक्तदान शिविर आयोजित कर अपना विरोध दर्ज कराया। सैकड़ों किसानों ने रहमान गेट से बाइक रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट स्थित महापड़ाव स्थल पर पहुंची। यहां रैली आमसभा में बदल गई। रैली में डीडवाना के पूर्व विधायक चेतन डूडी, किसान नेता भागीरथ यादव, अखिल भारतीय किसान सभा, कांग्रेस, आरएलपी और माकपा के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महापड़ाव स्थल पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान किया। किसानों ने कहा कि यह शिविर प्रतीक है कि किसान समाज के लिए अपना खून भी दे सकते हैं, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक चेतन डूडी ने कहा कि जिस जमीन पर किसान वर्षों से खेती कर रहे हैं, उसका मालिकाना हक किसानों को मिलना ही चाहिए। उन्होंने सरकार की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि किसानों के संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा। किसान सभा के नेता भागीरथ यादव ने कहा कि आंदोलन को प्रदेशभर से व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने न्यायालय द्वारा जमीनों पर स्टे आदेश मिलने को किसानों की बड़ी जीत बताया। यादव ने कहा कि सदियों से चल रही इन जमीनों को किसान किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं देंगे। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, महापड़ाव और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।


