छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बासनवाही गांव में भालू का आतंक बढ़ गया है। भालू तेल और भोजन सामग्री की तलाश में लगातार घरों में घुस रहा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले 15 दिनों से कोटलभट्टी इलाके के कई घरों में भालू घुस चुका है। दरअसल, बीती रात भालू सत्यम मिश्रा के घर में घुस गया और तेल की तलाश करने लगा। दो दिन पहले भी वह इसी घर में घुसकर तेल चट कर चुका था। ग्रामीणों ने बताया कि भालू दिन ढलते ही बस्तियों की ओर आता है। कमजोर दरवाजों को धक्का देकर या तोड़कर घरों में घुस जाता है। खासकर जहां उसे तेल की गंध मिलती है। भालू ने किसी ग्रामीण पर हमला नहीं किया ग्रामीण संदीप द्विवेदी ने बताया कि, भालू बाड़ियों में घूमते हुए जामुन और पपीता जैसे फल भी तेजी से खा रहा है। हालांकि, अब तक भालू ने किसी ग्रामीण पर हमला नहीं किया है, लेकिन रिहायशी इलाकों में उसके लगातार घुसने से हमले का खतरा बना हुआ है। पेड़ों की कटाई से भालुओं की संख्या में वृद्धि ग्रामीण अनिल मरकाम के अनुसार, तीन साल पहले तक बासनवाही इलाके में भालू नहीं देखे जाते थे। भारत माला सड़क बनने के साथ हुई पेड़ों की कटाई के कारण अचानक भालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे वे अब ग्रामीणों के लिए खतरा बन गए हैं। वन मण्डलाधिकारी रौनक गोयल ने बताया कि, उन्हें ग्रामीणों के माध्यम से इस जानकारी की सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि वह तुरंत एक टीम को मौके पर रवाना कर रहे हैं। ग्रामीणों से चर्चा के बाद समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


