कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत जैसाकर्रा में नशामुक्ति को लेकर ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गांव में किसी भी प्रकार का नशा बनाने या करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। साथ ही, नशे पर नजर रखने के लिए जल्द ही एक निगरानी समिति गठित करने का निर्णय भी लिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से गांव में शराब और सूखे नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही थी। युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही थी, जिससे गांव में कई बार तनाव की स्थिति भी पैदा हुई। इन समस्याओं को देखते हुए सभी समाजों के लोगों ने मिलकर यह कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया। गांव में बढ़ रहा था शराब और सूखे नशे का प्रचलन ग्राम सरपंच रविलाल नायक ने बताया कि गांव में शराब और सूखे नशे का प्रचलन लगातार बढ़ रहा था, जिससे युवा इसकी लत में फंसते जा रहे थे। इसी कारण नशामुक्ति अभियान शुरू करने का फैसला किया गया है। ग्राम पंच कनिष्क पांडे ने इस पहल को देर से ही सही, लेकिन गांव के लोगों में बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बताया। ग्राम की कृष्णा बाई यादव ने कहा कि नशे के बढ़ते मामलों से महिलाएं विशेष रूप से परेशान थीं, और अब इस पहल से सभी को राहत मिली है। बैठक में सरपंच रविलाल नायक, पंच कनिष्क पांडे, रामजी पिद्दा, आनंद मंडावी, गोविंद राम साहू, रामश्री टेकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


