चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समय-सीमा 7 दिन बढ़ाने का आदेश जारी किया है। अब प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी। आयोग ने पूर्व शेड्यूल को निरस्त करते हुए नया कैलेंडर लागू किया है। इसके साथ ही घर-घर सत्यापन, बूथों के पुनर्गठन, ड्राफ्ट रोल तैयार करने और क्लेम-ऑब्जेक्शन जैसे सभी चरण अब संशोधित तिथियों के अनुसार पूरे होंगे। अब 11 दिसंबर तक चलेगी प्रक्रिया बता दें कि इसके पहले SIR की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय थी, लेकिन केवल चार दिन ही शेष थे। कई जिलों से फील्ड स्टाफ और BLO द्वारा समय की कमी की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग ने यह बड़ा निर्णय लिया। अब अंतिम तिथि 11 दिसंबर कर दी गई है। अब पढ़े SIR का नया शेड्यूल समय बढ़ने से होगा ये फायदा अब पढ़े SIR क्या है अब पढ़े छत्तीसगढ़ में कितने प्रतिशत SIR की प्रक्रिया हो चुकी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 10 लाख 68 हजार 201 मुद्रित गणना फॉर्म है। इनमें से 99.61 प्रतिशत फॉर्म का वितरण हो चुका है। इनमें से 1 करोड़ 77 लाख 38 हजार 68 यानि 83.55 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके है। 50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 54 लाख 82 हजार 771 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इनमें से चार करोड़ 28 करोड़ 71 लाख 68 हजार 921 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 56.34 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 99.16 है। क्या है गणना पत्रक चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है। इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा। अब पढ़े किस राज्य में कितना प्रतिशत काम हुआ


