कांग्रेस शासन काल में श्रमिकों के 5 लाख आवेदन किसी कारण से रोक दिए गए थे। इस वजह से उन्हें योजनाओं के तहत 161 रुपए का भुगतान नहीं हो पाया। बुधवार को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब उन्हें यह पैसा दिया जाएगा। इसके लिए हर आवेदन का परीक्षण होगा। बता दें कि यह सभी आवेदन 2019 से 2024 के बीच विभिन्न योजनाओं के तहत आए थे। बैठक श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन,बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसके अलावा श्रमिकों को बीमारी के लिए जीवन में एक बार ही लाभ मिलता। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब वह हर साल इसका लाभ ले सकेंगे। यह अधिकतम 20 हजार रुपए ही होगा। श्रमिकों के बच्चों के लिए नौनी बाबू सहायता योजना में कई और कोर्स जोड़े जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर बोर्ड की एक समित बनाई जाएगी। जो कॉलेज में चल रही फीस का अध्ययन हर कोर्स की एक फीस तय करेंगी। उसी फीस को विभाग वहन करेगा। ऐसे मिलेगा पैसा
{श्रमिकों के आए आवेदनों का जिलेवार परीक्षण करवाया जाएगा। {इसमें यह जांच की जाएगी कि कहीं उनकी मृत्यु तो नहीं हो गई। {जिला श्रम अधिकारी जो रिपोर्ट देंगे उस आधार पर राशि डीबीटी की जाएगी। {यह राशि सितंबर में विश्वकर्मा जयंती के दिन श्रमिकों को बांटी जाएगी। इन योजनाओं के पैसे अटके हुए हैं
{मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना। {मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना। {मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना। {मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना। आवास सहायता योजना का दायरा किया कम
सीएम निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना में अभी तक शहरी में 500 और ग्रामीण क्षेत्र में 1000 वर्ग फीट भूखंड का प्रावधान था। अब शहरी में 322 और ग्रामीण में 269 वर्ग फीट क्षेत्रफल भूखंड कर दिया गया है। मोबाइल अनिवार्यता में छूट
मंडल अंतर्गत संचालित पंजीयन योजना आवेदन हेतु मोबाइल नंबर की अनिवार्यता रखी गई है। प्रदेश के कई क्षेत्र के ऐसे हितग्राही जिनके पास मोबाइल नहीं है। उन्हें पंजीयन में परेशानी का सामना करना पड़ता था, अब उन्हें मोबाइल नंबर की अनिवार्यता की छूट दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाली योजना का लाभ अब उनके परिवार के सदस्यों को भी एक समान मिलेगा। कांग्रेस शासनकाल में रुका पैसा अब हितग्राहियों को दिया जाएगा। 5 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
लखन लाल देवांगन, श्रम मंत्री


