सीकर में आज यूडीएच राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मनरेगा के संशोधित विधेयक वीबी-जीराम-जी के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। आज सीकर सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि विकसित भारत ‘रामजी’ विधेयक का विरोध कर रही कांग्रेस की मुख्य चिंता यही है कि कांग्रेसी अब भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। राज्यमंत्री खर्रा ने कहा कि नरेगा और मनरेगा जैसी योजनाओं में पहले भी भारी भ्रष्टाचार हुआ, ये बात कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी स्वीकार चुके हैं। वर्तमान केंद्र की मोदी सरकार ने इसी भ्रष्टाचार को खत्म करने, पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक रोजगार का लाभ पहुंचाने के लिए विकसित भारत ‘रामजी’ विधेयक पेश किया है। जिन लोगों ने पहले योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार कर धन अर्जित किया, उन्हें अब डर सता रहा है कि जांच हुई तो उनकी पोल खुल जाएगी। इसी डर के कारण वे इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। भ्रष्टाचार की जांच को लेकर राज्यमंत्री खर्रा ने बताया कि देश के 25 राज्यों के 55 जिलों में की गई विशेष जांच में 300 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है, अभी जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीकर के मास्टर प्लान पर बोलते हुए मंत्री खर्रा ने कहा कि मास्टर प्लान फिलहाल रोक दिया गया है। संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर आपत्तियों का वेरिफिकेशन कर संशोधित मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर एजेंसी का कार्य आदेश निरस्त कर नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। निकाय चुनाव को लेकर मंत्री खर्रा ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पिछड़ा वर्ग के ट्रिपल टेस्ट के आंकड़े आने तक ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण देना संभव नहीं है। आयोग की रिपोर्ट आते ही 2-3 दिनों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने के निर्देश दिए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, धोद विधायक गोवर्धन वर्मा, खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व विधायक रतन जलधारी सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


