डूंगरपुर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग का संभाग स्तरीय अधिवेशन मंगलवार को आयोजित हुआ। इसमें केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों के खिलाफ जन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। अधिवेशन में एससी वर्ग की लीडरशिप बढ़ाने, दलित, गरीब और आदिवासी विरोधी नीतियों और मनरेगा योजना में बदलाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। यह अधिवेशन डूंगरपुर शहर के एक होटल में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. शंकर यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें उदयपुर संभाग प्रभारी देवेंद्र दयाल सालवी के साथ संभाग के सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी शामिल हुए। अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी ने ही दलितों को उनका हक दिलाया है और गरीब, मजदूर, आदिवासी, किसान वर्ग का जीवन स्तर सुधारने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से देश भर में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं और कांग्रेस द्वारा दिए गए अधिकार छीने गए हैं। अधिवेशन के बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ. शंकर यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में पिछली गहलोत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं बंद हो गई हैं। यादव ने कहा कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, अस्पतालों में दवाइयां, किसानों को खाद-बीज और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें धर्म, जाति और भाषा की राजनीति कर भाईचारे को खराब कर रही हैं। डॉ. यादव ने बताया कि राजस्थान में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग दलितों और आदिवासियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए जल्द ही “भाजपा को नींद से जगाओ” अभियान शुरू करेगा।


