छत्तीसगढ़ के धमतरी में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कांग्रेस के पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के आवास पर छापा मारा है। यह कार्रवाई शहर की महालक्ष्मी ग्रीन्स कॉलोनी में की गई। 4 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम अपने साथ कुछ दस्तावेज ले गई। बता दें कि केतन दोषी रियल एस्टेट कारोबारी है। कार्रवाई के लिए 10 सदस्यीय टीम दो अलग-अलग गाड़ियों में पहुंची है, जिसमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं। टीम में एसीबी के डीएसपी भी मौजूद हैं। अधिकारियों ने केतन दोषी के निजी आवास पर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। DMF घोटाले की जांच को लेकर छापा जानकारी के मुताबिक, यह जांच डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) और आबकारी से संबंधित मामलों को लेकर की जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में एसीबी और ईओडब्ल्यू की ऐसी ही कार्रवाई चल रही है, जिसमें कई कारोबारी शामिल हैं। इस रेड से शहर के कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। जांच अभी जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार है। रायपुर, सरगुजा, कोंडागांव में भी कार्रवाई जारी छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर में ACB-EOW की टीमों ने छापेमारी की है। आबकारी और DMF से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाते हुए टीमों ने 23 नवंबर तड़के करीब 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। रायपुर में लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास पर भी कार्रवाई जारी है। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जहां अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा सरगुजा में EOW-ACB की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के ठिकानों पर रेड की। टीम यहां वित्तीय लेन-देन और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में DMF सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। टीम यहां दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।


