कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और जनाधार से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अमृतसर में एआईसीसी पर्यवेक्षक सीपी जोशी और वरिष्ठ नेता सीपी मित्तल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़िला अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया की जानकारी दी। सीपी मित्तल ने बताया कि यह अभियान देशव्यापी है, जिसके तीसरे चरण में पंजाब, ओडिशा, झारखंड और उत्तराखंड में ज़िला अध्यक्षों का चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है, जिसमें ब्लॉक या ज़िला स्तर के कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। मित्तल ने जोर दिया कि कांग्रेस दलित, ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक, आदिवासी, गरीब और महिलाओं सहित हर वर्ग को संगठन में भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। सीपी जोशी ने इस पहल को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ज़िला अध्यक्ष का पद संगठन की धड़कन है और लाल बहादुर शास्त्री तथा गोविंद वल्लभ पंत जैसे बड़े नेता भी इस पद पर रह चुके हैं। जोशी के अनुसार, यह पद आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमृतसर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर बैठकें पूरी हो चुकी हैं और अब इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की समीक्षा के बाद वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। जोशी ने स्पष्ट किया कि उन्हें अमृतसर के दोनों ज़िलों का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। उन्होंने बताया कि पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में ज़िला अध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा, जिससे कांग्रेस जमीनी स्तर पर मजबूत होगी। इस पहल का उद्देश्य कांग्रेस को नई ऊर्जा प्रदान करना और युवाओं तथा नए नेतृत्व को संगठन में शामिल होने का अवसर देना है।


