कांग्रेस ने फिर मांगा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद:स्पीकर को उप नेता प्रतिपक्ष ने लिखा लेटर; 2020 से खाली है यह पोस्ट

मध्यप्रदेश विधानसभा में 2020 से उपाध्यक्ष का पद खाली है। यह पद विपक्ष को देने की परंपरा रही है, लेकिन 2020 में हुए दलबदल के बाद से यह पद खाली है। कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से उपाध्यक्ष के पद को जल्द भरने की मांग की है। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की मांग की है। कटारे ने लेटर की कॉपी सीएम डॉ. मोहन यादव, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भी भेजी है। विधानसभा अध्यक्ष के नाम लिखे लेटर में कटारे ने लिखा- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 178 में प्रदेश विधान सभाओं में स्पीकर सहित डिप्टी स्पीकर के पद का उल्लेख है। नियमानुसार विधान सभा के द्वितीय सत्र तक उपाध्यक्ष पद की पूर्ति होना चाहिए, किंतु मध्यप्रदेश विधान सभा में विगत चार वर्ष से उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से यह पद रिक्त है।
लोकसभा में 10 बार विपक्ष को उपाध्यक्ष का पद देने का हवाला दिया
कटारे ने आगे लिखा, ‘मध्यप्रदेश में विधायी कार्य को लोकतांत्रिक व स्वच्छ विधायी परंपरा के अनुरूप संपादित करने के लिए उपाध्यक्ष पद विपक्ष को देने की परंपरा रही है। लोकसभा में भी 18 में से 10 बार विपक्षी दल को उपाध्यक्ष का पद दिया गया। इसके अनुरूप प्रदेश में उपाध्यक्ष का पद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दल को मिलना चाहिए। इसलिए प्रदेश में विधायी कार्य प्रणाली को गति और मजबूती प्रदान करने की दृष्टि से अनुरोध है कि जनहित में शीघ्र विधान सभा उपाध्यक्ष के रिक्त पद की पूर्ति करने की कृपा करें। कमलनाथ सरकार में बदली थी परंपरा
मध्यप्रदेश में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने पर कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद विपक्ष को पद नहीं दिया गया था। कांग्रेस विधायक हिना कांवरे को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया था। 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बनी शिवराज सरकार में बीजेपी ने कांग्रेस को उपाध्यक्ष का पद नहीं दिया। इसके बाद से अब तक विधानसभा उपाध्यक्ष का पद खाली ही है। अब जानिए, कब कौन रहा विधानसभा उपाध्यक्ष

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