शाजापुर में वर्ष 2025 की पहली जनवरी से नगर की कृषि उपज मंडी में ई-मंडी की शुरुआत की गई। जहां अब मैन्युअल को छोड़कर सारा काम ऑनलाइन होगा। इससे किसानों को यह फायदा होगा कि एक क्लिक में उनकी सारी जानकारी सामने होगी और उसका सारा रिकार्ड भी ऑनलाइन मौजूद रहेगा। इसके पहले यह सुविधा केवल आगर और देवास की मंडी में ही थी। लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय कृषि उपज मंडी में भी लागू कर दी गई है। जहां पहले दिन 97 किसानों का माल इसी प्रक्रिया से खरीदा गया और सभी किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से भुगतान भी किया गया। इस व्यवस्था को लेकर किसानों ने भी खुशी व्यक्त करते हुए इस सुविधा का स्वागत किया है, जिन्हें अब न तो रिकार्ड मेंटेन करना होगा और न ही रजिस्टर के भरोसे रहना होगा। केवल एक क्लीक में उनकी सारी जानकारी सामने होगी। साथ ही उनके भुगतान संबंधी जानकारी का रिकार्ड भी इस प्रक्रिया के माध्यम से मेंटेन होता रहेगा। प्रदेश की 41 बी ग्रेड की मंडियों में हुई शुरूआत ई- मंडी की सुविधा इसके पहले केवल प्रदेश की दो मंडियों देवास और आगर में ही लागू थी। जिसे बुधवार से अब प्रदेश की 41 बी ग्रेड की मंडियों में भी लागू किया गया है। जहां माल लेकर आने वाले किसानों की परेशानी दूर होगी और वे इस सुविधा से हाईटेक हो सकेंगे। यह मिलेगी किसानों को सुविधा इसके पहले किसानों को मंडी में आकर पर्ची कटवाना पड़ती थी। इसके बाद उन्हें व्यापारी को कितना माल दिया, किस भाव में दिया और उसका कितना हिसाब हुआ यह सब मैन्युअल दर्ज होता था। जिसमें गलती की भी संभावना थी, लेकिन अब उन्हें पर्ची नहीं बनवाना पड़ेगी। बल्कि वे अपने मोबाइल से ही पर्ची निकाल सकेंगे। साथ ही उनके द्वारा बेचे गए माल की सारी जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज होगी वह भी डिटेल डालने के साथ अपने आप जनरेट हो जाएगी जो रिकार्ड में भी रहेगी।


