बिलासपुर में मनरेगा को समाप्त करने और नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर बिलासपुर पहुंची पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने केंद्र सरकार पर मनमानी करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। अनुमा आचार्य ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा का नाम बदलने और उसकी संरचना में बुनियादी बदलाव कर इस ऐतिहासिक योजना को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने का आरोप लगाया। ईडी को बताया भाजपा की “धमकाने वाली एजेंसी” आचार्य ने कहा कि मनरेगा की मूल भावना ग्राम पंचायतों के अधिकारों, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित थी, जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार की कथित “वोट चोरी” का खुलासा किया, तो मोदी सरकार के पास “झूठ और प्रपंच” फैलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भाजपा की “धमकाने वाली एजेंसी” बनकर रह गई है। नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत का फैसला केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को सामने लाता है। इस पत्रकार वार्ता में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पाण्डेय, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, पिंकी बत्रा और प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी सहित कई अन्य नेता उपस्थित थे।


