कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भास्कर की खबर ट्विट की:कहा- मंदिर में सभी जिम्मेदारों की भी जांच होनी चाहिए

सोमवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने महाकाल थाने पहुंच मंदिर के दोनों कर्मचारियों से वन-टू-वन पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने कबूला कि वे बाहर के कई राज्यों के लोगों के संपर्क में थे। फोन पर ही उन्हें दर्शन, पूजन, अभिषेक के पैकेज बताते थे। रेट तय होने पर बारकोड के जरिए पैसा लेते थे। यहां आने पर उनकी पूरी व्यवस्था दोनों जमाते थे। दोनों कर्मियों ने तीन नाम और भी बताए, जो आरोपी बनाए जा सकते हैं। बताते चले कि महाकाल मंदिर में जल द्वार प्रभारी ही रुपए लेकर अवैध तरीके से दर्शन करा रहे थे। कलेक्टर को इसकी गोपनीय शिकायत हुई। इसके बाद महाकाल थाना पुलिस ने दर्शन प्रभारी राकेश श्रीवास्तव व सफाई निरीक्षक विनोद चौकसे को पकड़ा। दोनों से 23 घंटे पूछताछ के बाद धारा 151 में दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश कर दिया था, जहां से दोनों को जमानत मिल गई। इस बीच पुलिस को साइबर सेल व बैंक डिटेल में लोगों से रुपए ट्रांजेक्शन के सबूत मिल गए तो दोनों को पुलिस ने वापस से दबोचा और धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व अन्य धारा में केस दर्ज कर रैकेट का पता लगाने जांच शुरू की। इसमें ये भी सामने आया कि दोनों कर्मचारियों के साथ चार से पांच लोगों का एक पूरा रैकेट है जो बाहर के श्रद्धालुओं को फोन पर ही दर्शन के पैकेज ऑफर करते थे। पुलिस जल्द ही पूरे मामले का भंडाफोड़ करेगी। ^महाकाल थाने जाकर दोनों कर्मचारियों से मामले में पूछताछ की। कुछ नई जानकारी सामने आई है। आरोपियों का रिमांड लेंगे व मामले का जल्द खुलासा करेंगे। प्रदीप शर्मा, एसपी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया सबसे पहले शनिवार को चौकसे को पकड़ा जबकि श्रीवास्तव को भनक लगी तो वह मंदिर में छुट्टी का बोल निकल गया। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था। इस बीच उसने अपने मोबाइल से एक एप की मदद से काल हिस्ट्री, चैटिंग व अन्य लेनदेन संबंधी सारा डेटा डिलीट कर दिया। उसके फोन को जब्त कर डेटा की रिकवरी कराई जा रही है। अधिकारी ने बताया कि चौकसे की बेटी का भी फोन जब्ती में है तथा बैंक ट्रांजेक्शन निकलवा लिए है जो मंगलवार को मिल जाएंगे। विधायक ने विधानसभा में लगाया प्रश्न : भास्कर ने 22 दिसंबर को महाकाल मंदिर के दोनों कर्मचारियों के भ्रष्टाचार पर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को खबर को ट्विट किया। भास्कर से बातचीत में पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर भी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। यहां जितने भी जिम्मेदार है, उन सभी की संपत्ति की जांच बैठाना चाहिए। मुख्यमंत्री से मेरी यही प्रार्थना है। इधर, तराना क्षेत्र के विधायक महेश परमार ने बताया कि उन्होंने भी महाकाल मंदिर के इस विषय को लेकर विधानसभा में प्रश्न लगाया है। प्रतिवेदन शासन को भेज रहे मंदिर के दोनों कर्मचारियों ने जो भी कृत्य किया है, दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। कुछ नए नाम बताए हैं। कार्रवाई को लेकर शासन को प्रतिवेदन भेज रहे हैं। नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर

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