एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था की वजह से बीएलओ भी भारी दबाव में हैं और मतदाता तनाव में। बीएलओ को तय समय में टारगेट पूरा करने का दबाव है, जबकि मतदाता इस आशंका में हैं कि कहीं उनके नाम मतदाता सूची से काट न दिए जाएं। कांग्रेस के अनुसार एसआईआर की “मनमानी और जल्दबाजी” से न तो बीएलओ ठीक से काम कर पा रहे हैं और न ही मतदाता प्रक्रिया को समझ पा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि धान कटाई और खरीदी के व्यस्त समय में बीएलओ जब घर-घर पहुंचते हैं तो किसान मिल ही नहीं पाते। इसके साथ ही बस्तर के 600 से अधिक गांवों में लगातार पलायन होने से भी प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है। इधर, भाजपा का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया से ही कांग्रेस को दिक्कत है। केवल 7 दिन बढ़ोतरी नाकाफी, तीन महीने बढ़ाई जाए अवधि—कांग्रेस कांग्रेस ने एसआईआर की अवधि में सिर्फ 7 दिनों की बढ़ोतरी को “सिर्फ औपचारिकता” बताया है। पार्टी का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रक्रिया को एक महीना क्या, तीन महीने से कम में पूरा करना संभव नहीं है। बाढ़ में दस्तावेज नष्ट, पलायन से प्रक्रिया में देरी कांग्रेस ने तर्क दिया कि बस्तर के कई क्षेत्रों में बाढ़ से लोगों के दस्तावेज खराब हो गए या बह गए हैं, जिससे उन्हें नए दस्तावेज तैयार करने में समय लग रहा है। मनरेगा के काम बंद होने से बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, जशपुर और बस्तर के हजारों लोग दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं, जिन्हें वापस आकर दस्तावेज जमा करने में समय लगेगा। कांग्रेस का दावा- अब तक 50% से भी कम ने जमा किए फॉर्म कांग्रेस का कहना है कि एसआईआर शुरू हुए 26 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक 50% से भी कम लोगों ने अपने प्रपत्र जमा किए हैं। पार्टी ने आयोग की ओर से 97% फॉर्म जमा होने के दावे को “जमीनी सच्चाई से दूर” बताया है। कांग्रेस का कहना है कि कई गांवों में फॉर्म अभी तक लोगों तक पहुंचे ही नहीं हैं और बचे हुए दिनों में 100% लक्ष्य पूरा कर पाना असंभव है। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव में अभी तीन साल बाकी हैं, इसलिए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को जल्दबाज़ी में पूरा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी जाए, तो लोग बिना तनाव के दस्तावेज जमा कर सकेंगे। भाजपा का पलटवार- एसआईआर से ही कांग्रेस को समस्या, बीएलओ की सुरक्षा पर सरकार प्रतिबद्ध कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने कड़ा जवाब दिया है। भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को एसआईआर प्रक्रिया से ही दिक्कत है और समय बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह निर्वाचन आयोग का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बीएलओ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कांग्रेस द्वारा सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवाल आधारहीन हैं।


