कांग्रेस बोली-CGMSC घोटाले में मंत्री जायसवाल भी शामिल:मांगी CBI जांच, BJP बोली-जब खुद सरकार में थे, तब CBI को दूर रखा, अब जांच चाहिए?

छत्तीसगढ़ में हुए CGMSC घोटाले की कांग्रेस ने CBI जांच की मांग की है। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने रिएजेंट और दवा सप्लाई घोटाले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में खबरें आने के बाद दबाव में आकर भाजपा सरकार ने इस घोटाले की जांच की घोषणा की। लेकिन सरकार सिर्फ लीपापोती करने के लिए इस मामले की जांच EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) से करा रही है, जबकि यह घोटाला केंद्र सरकार के पैसे का है, इसलिए इसकी जांच CBI से होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। जबकि बीजेपी ने कांग्रेस पर ही पलटवार करते हुए कहा कि CBI को प्रदेश में बैन करने वाली कांग्रेस अब उसी से जांच की मांग कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप, घोटाले में संलिप्तता का दावा डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की भूमिका भी संदिग्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान ही सप्लाई करने वाली कंपनी को भुगतान करवा दिया गया, जिससे यह साफ होता है कि मंत्री की भी इस घोटाले में सहभागिता थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के तीनों अंग प्रशासन, आपूर्ति और वित्त आपस में मिले हुए हैं और यही कारण है कि रिएजेंट की कृत्रिम मांग बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि अफसरों के साथ अब स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। राज्य एजेंसी जांच कर सकती है निष्पक्ष जांच? कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब सरकार का ही एक मंत्री संदेह के घेरे में है, तो क्या राज्य की कोई एजेंसी उसकी निष्पक्ष जांच कर पाएगी? रिएजेंट की खरीद के लिए फंड केंद्र सरकार से आया था, इसलिए कांग्रेस की मांग है कि इस पूरे घोटाले की जांच CBI को सौंपी जाए। स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें, अन्यथा बर्खास्त हों कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री को उन्हें पद से बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि घोटाले के दौरान जिन अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी, उन्हें निलंबित कर जांच होनी चाहिए, क्योंकि उनकी उपस्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भ्रष्टाचार को रोका जा सके। CBI जांच की मांग बेतुकी बीजेपी चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक विमल चोपड़ा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि CGMSC घोटाले की जांच CBI से कराने की मांग पूरी तरह बेतुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले खुद भ्रष्टाचार करती है और फिर अपनी सुविधा के अनुसार जांच एजेंसी चुनना चाहती है। कभी ये CBI पर भरोसा नहीं करते और उसे केंद्र सरकार का तोता बताते हैं, कभी NIA पर सवाल उठाते हैं, तो कभी EOW की जांच प्रक्रिया पर अविश्वास जताते हैं। अपने शासनकाल में ये खुद EOW से जांच कराते थे और छत्तीसगढ़ में CBI को बैन कर रखा था। जिन्होंने हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार किया, वही आज अपनी मनमर्जी से जांच की मांग कर रहे हैं, चोपड़ा ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसी EOW पूरी तरह सक्षम है और जब सरकार को जरूरत महसूस होगी, तो जांच का दायरा बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। कांग्रेस को इस पर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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