राजधानी रांची की प्रतिष्ठित मेयर सीट पर अंतत: झामुमो ने किनारा करने का मन बना लिया है। गैर अधिकारिक रूप से झामुमो अब रांची मेयर सीट के लिए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रमा खलखो को समर्थन दे सकता है। इसकी घोषणा नाम वापसी के अंतिम दिन देर शाम तक हो सकती है। पार्टी विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झामुमो नेता के रूप में जितने भी प्रत्याशियों ने अपना नामांकन भरा है, उसे नाम वापसी का निर्देश अंदरूनी तौर पर दिया जा चुका है। उन्हें निर्देशित किया जा चुका है कि वोट बिखराव को रोकें और सभी भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ एकजुट होकर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के लिए मजबूती से कार्य करें। पार्टी यह भी निर्देशित कर चुकी है कि जो भी पार्टी नेता या पदाधिकारी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किए हैं और वे अगर नाम वापस नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ चुनाव बाद पार्टी कार्रवाई भी कर सकती है। जिला और महानगर कमेटी में बड़े बदलाव के संकेत पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने निकाय चुनाव की घोषणा के पूर्व मेयर एवं वार्ड पार्षद चुनाव के लिए सर्वसम्मति बनाने का निर्देश दिया था। इसके लिए कमेटी भी बनाई गई थी। मगर अंतत: यह कमेटी सर्वसम्मति बनाने में विफल रही। इसके कारण मेयर पद के लिए पार्टी नेता के रूप में 6 प्रत्याशियों ने नामांकन कर दिया है। वहीं वार्ड में भी एक से अधिक पार्टी नेता ने नामांकन किया है। इससे खुद हेमंत सोरेन पार्टी रांची जिला एवं नगर इकाई से खासे नाराज चल रहे हैं। चुनाव बाद रांची जिला एवं नगर कमेटी में बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। नए सिरे से रांची एवं नगर कमेटी का गठन किया जा सकता है। कई चेहरे को रांची कमेटी से हटाया जा सकता है। यह था हेमंत का निर्देश : मुख्यमंत्री ने महानगर कमेटी को निर्देश दिया था कि मेयर व वार्ड पार्षद के लिए सर्वसम्मति बनाएं। किसी भी पद पर एक से अधिक पार्टी समर्थित प्रत्याशी न हों, कहीं कोई आपस में टकराव नहीं होना चाहिए। सर्वसम्मति बनाने के लिए कमेटी भी बनी थी। मगर अंतत: कमेटी फेल हो गई और सर्वसम्मति नहीं बन पाई।


