ग्वालियर में शनिवार को महापौर खेल महोत्सव 50वीं राज्य स्तरीय अंडर-20 बालक कबड्डी प्रतियोगिता में इंदौर ने भोपाल को हराकर खिताब जीता। मेजबान ग्वालियर को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। महापौर शोभा सिकरवार द्वारा कबड्डी प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाली इंदौर जिला टीम को ट्रॉफी और शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा है। भोपाल और इंदौर में कांटे की टक्कर रही है। आखिरी दस मिनट में इंदौर के खिलाड़ियों ने अपने बेहतर खेल का प्रदर्शन कर जीत हासिल की। आखिरी तीन मिनट में जीता इंदौर ग्वालियर के फूल बाग मैदान पर 2 जनवरी से 4 जनवरी तक राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। शनिवार को इंदौर और आरसीसी भोपाल की टीम के बीच फाइनल मुकाबला हुआ। कांटे की टक्कर वाले मुकाबले में इंदौर ने शुरुआत में ही बढ़त बनाई। जिसका फायदा आखिरी के 3 मिनट में मिला। भोपाल टीम को बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा। रैंकिंग टेबल में पॉइंट के आधार पर ग्वालियर टीम को तीसरा स्थान मिला। पुरस्कार वितरण के दौरान महापौर ने कहा- कबड्डी भारत का बहुत ही पुराना और पारंपरिक खेल है इसको बढ़ावा मिलना जरूरी है जिसके लिए नगर निगम भी अपनी ओर से विशेष प्रयास कर रही है आगे भी इस तरह के आयोजन कराए जाते रहेंगे। मध्य प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के सचिव जेसी शर्मा ने कहा- टूर्नामेंट में शामिल हुए लगभग 840 खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस के आधार पर मध्य प्रदेश की टीम का गठन किया जाएगा जो कि हरिद्वार में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में खिताब जीतने उतरेगी। उम्र छुपाने वालों पर हो सकता है एक्शन प्रतियोगिता में उन टीमों को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता भी दिखाया गया, जिनके खिलाड़ियों ने गलत दस्तावेजों के जरिए उम्र छुपा कर टूर्नामेंट खेला था। मध्य प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन ऐसे खिलाड़ियों के साथ ही टीमों पर 3 साल के लिए प्रतिबंध लगाने जैसी सख्त कार्रवाई कर सकता है।


