कटनी में एक किसान को कागजों में मृत घोषित कर उसकी पुश्तैनी जमीन किसी और के नाम नामांतरित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान गया प्रसाद कोरी मंगलवार को खुद को जीवित साबित करने के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था। हालांकि, कलेक्टर आशीष तिवारी के किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण किसान की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई और वह निराश होकर लौट गया। ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम महनेर निवासी गया प्रसाद कोरी ने बताया कि खसरा क्रमांक 238 की भूमि लंबे समय से उनके नाम पर दर्ज थी। वर्ष 2024 में पटवारी और तहसीलदार ने एक नामांतरण आदेश जारी किया, जिसमें गया प्रसाद को ‘मृत’ दर्शाते हुए उनकी जमीन शिवचरण कोरी के नाम पर दर्ज कर दी गई। किसान का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और गंभीर लापरवाही का मामला बताया है। गया प्रसाद ने जानकारी दी कि वह पिछले कई महीनों से खुद को जीवित साबित करने के लिए तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक गलती के कारण उन्हें अपनी ही जमीन के लिए खुद के जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है। इस मामले पर नायब तहसीलदार साक्षी शुक्ला ने बताया कि संबंधित जमीन पहले गया प्रसाद के पूर्वजों के नाम पर थी, जिसमें उनका नाम भी शामिल था। उन्होंने तकनीकी पेच का हवाला देते हुए पीड़ित को धारा 115 के तहत ‘त्रुटि सुधार’ के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन करने की सलाह दी है।


