पुलिस का ध्येय है अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास। पुलिस इसी ध्येय से प्रदेश में कानून और व्यवस्था का सिस्टम बनाकर जनता के साथ न्याय करने का दावा कर रही है। दावा है कि पुलिस की मुस्तैदी से ही जनता सुकून से रह पा रही है। वहीं, पुलिस के पास पहुंच रही परिवेदनाओं और शिकायतों के निस्तारण में वह लोगों को संतुष्ट नहीं कर पा रही है। संपर्क पोर्टल पर दिसंबर 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश भर में पुलिस के पास करीब 80 हजार से ज्यादा शिकायतें पहुंची। इन शिकायतों की जांच के बाद पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट होने वाले लोगों की संख्या महज साढ़े बारह हजार के करीब ही है। जबकि असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की संख्या इससे तीन गुना है। पुलिस विभाग को मिलने वाली शिकायतों और कार्रवाई की जानकारी हर महीने अपडेट की जाती है। वर्ष 2024 के आखिरी महीने में आंकड़ों अनुसार 80299 शिकायतें मिलीं। इनमें से पुलिस कार्रवाई से 12599 लोग संतुष्ट है। 12 जिलों में 2000 से 8000 तक शिकायतें, असंतुष्टि भी ज्यादा प्रदेश के 12 जिलों में पुलिस को 2000 से 8000 तक शिकायतें मिली जिनमें जयपुर व जयपुर ग्रामीण में क्रमश: 7769 और 3438 सर्वाधिक बताई गई। जयपुर के बाद कोटा में 4451 और चित्तौड़गढ़ में 3646 शिकायतें मिली। अजमेर में 2498, अलवर में 2230, बारां में 2222, बूंदी में 2810, हनुमानगढ़ में 2625, झालावाड़ में 2584, श्रीगंगानगर में 2106 और टोंक में 2103 शिकायतें है। इनमें से जयपुर और कोटा जिले में ही कार्रवाई से संतुष्ट होने वालों की संख्या एक हजार से ज्यादा पहुंची है। जयपुर में 1211 लोग कार्रवाई से संतुष्ट व 1978 असंतुष्ट हैं। कोटा में साढ़े चार हजार शिकायतों में 1070 संतुष्ट बताए गए हैं। आदिवासी जिलों में पुलिस की कम शिकायतें आदिवासी बहुल क्षेत्र या सीमावर्ती जिलों में पुलिस कार्रवाई को लेकर कम शिकायतें हैं। यहां औसतन 500 शिकायतें ही आई है। हालांकि कम शिकायतों के बावजूद कार्रवाई से संतुष्ट होने वालों की संख्या भी काफी कम ही रही। बांसवाड़ा में 376 शिकायतों में 79 लोग कार्रवाई से संतुष्ट हैं तो 143 जने संतुष्ट नहीं है। डूंगरपुर में भी 394 शिकायतें ही मिली, इनमें से 120 लोग संतुष्ट है तो 168 को पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं बताया गया है। इसी तरह पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर जिले में 529 शिकायतों में से सिर्फ 63 को संतुष्ट बताया गया है। जबकि 28 4 असंतुष्ट हैं। जालोर में 592 में 64 को संतुष्ट बताया और 303 कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। सिरोही में 639 में से 91 शिकायतकर्ता संतुष्ट है। जबकि 337 संतुष्ट नहीं है। नए पुराने 22 जिलों में 1000 से 2000 तक शिकायतें की गई। इनमें सीकर, उदयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, दौसा, धौलपुर, गंगापुरसिटी, डीडवाना, अनूपगढ़, कोटपूतली, खैरतल तिजारा आदि शामिल है।


