भास्कर न्यूज | अंबिकापुर संभाग के सबसे बड़े राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पीपी सिंह थे। डॉ. सिंह ने कहा कि शिक्षक के लिए काम के प्रति लगाव और ईमानदारी बहुत जरूरी है, तभी इस तरह के कार्यक्रम का महत्व रह जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बदलाव की जरूरत है, हमें चाहिए कि हमें अपने समाज और राष्ट्र की रक्षा करें। इससे पहले सरस्वती मां के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य और क्षेत्रीय अपर संचालक सरगुजा संभाग अंबिकापुर, डॉ. रिजवान उल्ला ने कहा कि हम अपने आपको पहचानेंगे, तभी विकास होगा और नवाचार को सीखने के लिए ऐसे कार्यक्रम कराए जाएं। शिक्षक होने के नाते हम यह जानें कि हम छात्रों को क्या दे रहे हैं? ज्ञान कभी खत्म नहीं होता, बल्कि सीखने की प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है। महाविद्यालय के आईक्यूएसी के समन्वयक, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फैकल्टी को नवाचारों से युक्त होना चाहिए। फैकल्टी नवाचार को समझने का प्रयास करें और नई पीढ़ी तक उसे पहुंचाएं। यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। अंग्रेजी विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉ. एसएन पाण्डेय ने उद्बोधन देते हुए कहा कि ज्ञान किसी व्यक्ति की विरासत या धरोहर नहीं है। इस क्षेत्र में हमेशा इनोवेशन होते रहे हैं। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. उमेश कुमार पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामिनी ने किया। आयोजन में सचिव डॉ. कविता कृष्णमूर्ति की भूमिका सराहनीय रही।


