मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी कोलकाता के कारोबारी अमित कुमार अग्रवाल को पीएमएलए कोर्ट से आंशिक राहत मिली है। अदालत ने व्यवसायिक उद्देश्य से उसे 02 से 18 फरवरी तक बांग्लादेश यात्रा की अनुमति दे दी है। लेकिन पासपोर्ट को 10 वर्षों के लिए नवीनीकरण कराने की मांग को खारिज कर दिया। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा और पासपोर्ट रखने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। लेकिन आरोपी पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए उसे हर विदेशी यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी। ईडी ने यात्रा की अनुमति का कड़ा विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि आरोपी विदेश जाकर फरार हो सकता है और कथित तौर पर अपराध से जुड़ी कंपनी के व्यवसाय को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि कोर्ट ने माना कि प्रस्तावित यात्रा व्यवसायिक है और इससे ट्रायल पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी की जमानत की सभी शर्तें यथावत रहेंगी और यात्रा के बाद पासपोर्ट पुनः कोर्ट में जमा करना अनिवार्य होगा। वहीं, कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में लंबी अवधि के लिए पासपोर्ट नवीनीकरण का अलग निर्देश नहीं दिया जा सकता।


