कार्यालय भवन स्थानांतरण के विरोध में धरना शुरू:सीबीईओ ऑफिस के शिफ्ट करने के आदेश को वापस लेने की मांग

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा हनुमानगढ़ के कार्यालय भवन को टाउन से जंक्शन में स्थानांतरित करने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। आप जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल और शैक्षिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक पुरुषोत्तम कौशिक के नेतृत्व में कार्यकर्ता धरने पर बैठे और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन को जंक्शन में स्थानांतरित करने का आदेश वापस लेने की मांग की। आप जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि टाउन स्थित पंचायत समिति कार्यालय परिसर में संचालित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के भवन को जर्जर होना बताते हुए इसे जंक्शन के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल नम्बर 5, सेक्टर 12 में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन यह भवन जर्जर नहीं है। इस भवन में कर्मचारियों, अधिकारियों के बैठने और रिकॉर्ड रखने के लिए पर्याप्त जगह है। जो नए आवंटित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल नम्बर 5, सेक्टर 12, जंक्शन में नहीं है। साथ ही नई जगह मुख्य शहर से अलग होने के कारण आम आदमी की पहुंच में नहीं है और आवागमन के साधन भी यहां तक पहुंचने के लिए नहीं है। ऐसे में स्कूलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आमजन को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से मिलने में कठिनाई होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों और राजनेताओं के व्यक्तिगत स्वार्थ की तरफ इशारा कर रहा है। यह निर्णय जनहित में नहीं है। जब जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थित है तो ऐसे में वर्षों से पंचायत समिति परिसर में संचालित हो रहे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को स्थानांतरित नहीं किया जाए। बेनीवाल के अनुसार टाउन क्षेत्र के आम नागरिकों का यह मानना है कि कुछ राजनेता अपने स्वार्थ के लिए टाउन स्थित सभी कार्यालयों को जंक्शन में ले जा रहे हैं। पूर्व में अनेक सरकारी कार्यालय जो जिला बनने से पूर्व टाउन में स्थित थे, उनको धीरे-धीरे जंक्शन ले जाया जा चुका है। टाउन जिला मुख्यालय का हिस्सा न होकर केवल मात्र एक कस्बा रह गया है। ऐसे में टाउन क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि यह अव्यवहारिक निर्णय विभाग की ओर से क्यों लिया गया है। उन्होंने मांग की कि टाउन के लोगों की भावनाओं को समझते हुए और आम आदमी की पहुंच के बारे में सोचते हुए इस निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।

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