भास्कर न्यूज | सतगावां प्रखंड सह अंचल कार्यालय में अफसर और कर्मचारी के आने व जाने का कोई समय निर्धारित नही है। सोमवार सुबह 10 बजे से ही कई गांवों से महिलाएं और ग्रामीण अपने काम को लेकर पहुंचे थे। दोपहर 12 बजे तक इंतजार किया, लेकिन किसी से मुलाकात नहीं हो सकी। लोग बिना काम कराए लौट गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रखंड और अंचल स्थापना कार्यालय, अंचल निरीक्षक कार्यालय, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय, महिला पर्यवेक्षक कार्यालय, पोषण अभियान कार्यालय, प्रखंड कृषि कार्यालय, मनरेगा कार्यालय, पंचायत राज पदाधिकारी कार्यालय, जल शक्ति केंद्र, पंचायत कार्यालय, आपूर्ति कार्यालय, सांख्यिकी कार्यालय और सहकारिता कार्यालय बंद रहे। महिलाओं ने बताया कि मंईयां सम्मान योजना, वृद्धा पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए वे एक हफ्ते से कार्यालय का चक्कर काट रही हैं। सोमवार को भी कोई कर्मचारी या पदाधिकारी नहीं मिला। लता देवी, बेबी देवी, रेखा देवी, रिंकू देवी ने कहा कि गर्मी में छोटे बच्चों के साथ आने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। रिंकू देवी ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चे को लेकर आई थी, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला। मीना देवी बीमारी की हालत में आई थी, फिर भी किसी से मुलाकात नहीं हो सकी। बीडीओ और सीओ कार्यालय खुले थे, लेकिन कुर्सियां खाली थीं। बीडीओ ओमप्रकाश बड़ाइक ने बताया कि वे मनरेगा कार्यालय गए थे, फिर खाना खाने चले गए। सीओ केशव प्रसाद चौधरी से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और कॉल काट दिया। भास्कर न्यूज|कोडरमा कोडरमा से सूरत के लिए डायरेक्ट ट्रेन की मांग को लेकर सोमवार को दर्जनों सामाजिक संगठनों ने कोडरमा रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया और स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में चार सूत्रीय मांगें रखी गईं। प्रमुख मांग कोडरमा से सूरत और अहमदाबाद के लिए नियमित ट्रेन संचालन की है। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड में रोजगार की कमी के कारण लाखों लोग रोजी-रोटी के लिए गुजरात जाते हैं। अकेले कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से 5 से 8 लाख मजदूर सूरत, अहमदाबाद, बड़नगर, बड़ौदा और वापी में काम करते हैं। कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, देवघर जैसे जिलों से हर दिन हजारों लोग गुजरात आते-जाते हैं। डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन देने वालों में पं. दीनदयाल उपाध्याय विचार संघ युवा मोर्चा झारखंड, समस्त झारखंड समाज सेवा ट्रस्ट, कुशवाहा कल्याण चेरिटेबल ट्रस्ट, समस्त झारखंड राणा समाज ट्रस्ट, सुंडी चेरिटेबल ट्रस्ट, यदुवंशी समाज सेवा ट्रस्ट, रोजी रोटी अधिकार मंच, नरेगा मजदूर मंच, प्रवासी मजदूर संघ, रेल यात्री अधिकार नागरिक मंच, दहेज मुक्त सेवा संघ झारखंड और क्षेत्रीय संघर्ष समिति लेदा संगठन शामिल रहे। ज्ञापन में चार मांगें रखी गईं। पहली, कोडरमा से सूरत और अहमदाबाद के लिए नियमित ट्रेन चलाई जाए। दूसरी, ट्रेनों में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। तीसरी, 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले जनरल टिकट यात्रियों को बैठने की पर्याप्त सीटें दी जाएं। चौथी, प्रतीक्षारत टिकट धारकों के लिए अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में गौतम पांडेय, बासुदेव वर्मा, फूलदेव वर्मा, नवीन कुमार यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, विश्वनाथ सिंह, असीम सरकार, संतोष राणा, उमेश गजर, शंभु विश्वकर्मा, रंजीत मोदी, अजय पांडेय, मनोहर वर्मा, जीबलाल राणा, देव पंडित, कृष्ण कुमार यादव, आयुष पांडेय, सकलदेव राणा और सैकड़ों लोग शामिल रहे।


