कृषि विभाग की ओर से किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाता है। लेकिन स्वीकृति के बावजूद किसान काम नहीं कराते। ऐसे किसानों पर विभाग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) अशोक कुमार मीना ने बताया- वर्ष 2024 – 25 में जिले को कांटेदार तारबंदी, फार्म पौंड निर्माण, सिंचाई पाइप लाइन, कृषि यंत्र, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, पौध संरक्षण यंत्र सहित विभिन्न योजनाओं के भौतिक लक्ष्य आवंटित हुए थे। ऐसे में राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र एवं इच्छुक किसानों की पत्रालियों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक माह से कम समय शेष रहा है और अभी तक भी कई किसानों द्वारा कार्य पूर्ण नहीं करवाए गए हैं। जिससे कार्यों का भौतिक सत्यापन नहीं हो रहा है एवं किसानों को अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया सकता है। उन्होंने बताया की जिन किसानों की कार्यालय द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी वे सभी किसान विभागीय दिशा निर्देशों के अनुसार 10 मार्च 2025 से पूर्व कार्य करवाकर क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक को सूचित कर पोस्ट – वेरिफिकेशन करवाए ताकि उनको योजनाओं की अनुदान राशि का भुगतान समय पर दिलाया जा सके। यदि किसी योजना में किसान द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के उपरांत 45 दिन तक भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है तो ऐसे किसानों की प्रशासनिक स्वीकृति को किसानों को सूचित कर निरस्त किया जाएगा एवं प्राथमिकता में नीचे आने वाले अन्य किसानों को योजना से लाभान्वित करने की कार्यवाही की जाएगी।


