मंडला जिले के कौरगांव में अवैध शराब की बिक्री से परेशान महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और घेराव कर प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि गांव के गलियों में खुलेआम शराब बिक रही है, जिससे न केवल घर बर्बाद हो रहे हैं, बल्कि छोटे बच्चे भी नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। जब प्रशासन नहीं जागा, तो खुद पकड़ी शराब महिलाओं ने बताया कि वे लंबे समय से गांव में अवैध शराब बंद करने की गुहार लगा रही थीं, लेकिन जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया। 19 से 21 दिसंबर के बीच महिलाओं की टोली ने गांव में गश्त की। इस दौरान उन्होंने कई जगहों पर अवैध शराब पकड़ी और शराब बनाने के लिए रखा गया कच्चा माल (लाहन) मौके पर ही नष्ट कर दिया। 10-12 घरों में बिक रही शराब, नामों की लिस्ट सौंपी कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने अधिकारियों को उन 10-12 घरों की सूची भी सौंपी है, जहां से अवैध शराब का धंधा संचालित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन लोगों को प्रशासन का कोई डर नहीं है। महिलाओं ने मांग की है कि इन शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और गांव को पूरी तरह ‘नशामुक्त’ घोषित किया जाए। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि घर के पुरुष तो नशे में कमाई लुटा ही रहे हैं, अब गांव के किशोरों और बच्चों में भी शराब की लत फैल रही है। महिलाओं ने साफ कर दिया है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगी।


