सरकार और प्रशासन भले ही प्रदूषण को लेकर गंभीर होने का दावा करें, लेकिन सड़कों पर इसका असर उलटा दिख रहा है। जहां आम वाहन चालकों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने पर भारी भरकम चालान काटा जाता है, वहीं कई ट्रांसपोर्ट और पुराने वाहन बेखौफ होकर काला और जहरीला धुआं छोड़ रहे हैं। यह धुआं लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण उनकी अपनी गाड़ियां भी काली हो जाती हैं। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस दोहरी नीति को खत्म करे।


