आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ चल रही जांच में एसीबी को एक नया और अहम सुराग मिला है। जांच एजेंसी को चौबे के एक संदिग्ध सहयोगी इरफान इकबाल के नाम की जानकारी मिली है, जिसकी भूमिका की अब गहनता से जांच की जा रही है। एसीबी को आशंका है कि इरफान इकबाल, विनय कुमार चौबे के कथित काले धन को सफेद करने वाले नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। अब एसीबी ने उसे पूछताछ के लिए बैंक डिटेल्स के साथ बुलाया है। एसीबी को जांच में यह जानकारी तब मिली है जब विनय कुमार चौबे के साले और इस मामले के आरोपी शिपिज त्रिवेदी के बैंक खातों के विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि इरफान इकबाल के बैंक खाते से शिपिज त्रिवेदी के पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक स्थित खातों में लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है। इरफान अंसारी शिपिज का कर्मचारी बताया जा रहा है। इन ट्रांजेक्शनों ने जांच एजेंसी की शंका को और मजबूत कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इरफान इकबाल और शिपिज त्रिवेदी के बीच अब तक लगभग 25 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। यह राशि आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस जैसे डिजिटल माध्यमों से भेजी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लेन-देन योजनाबद्ध और नियमित था। एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि इन पैसों का स्रोत क्या था और इन्हें किस उद्देश्य से स्थानांतरित किया गया। जांच एजेंसी ने शिपिज त्रिवेदी से जुड़ी कई कंपनियों के बैंक खातों का भी विश्लेषण शुरू कर दिया है। इनमें स्काईफ्लायर्स बिजनेस एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, ब्रह्मास्त्र एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और ट्राईटर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड जैसी फर्में शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, इन कंपनियों के खातों में हुए अधिकांश वित्तीय लेन-देन संदिग्ध प्रकृति के हैं और फिलहाल उनका सीधा संबंध घोषित व्यावसायिक गतिविधियों से स्थापित नहीं हो पा रहा है। एसीबी की माने तो मामला केवल आय से अधिक संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर पहलू भी जुड़े हो सकते हैं।


