किशनगढ़बास में पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता शिविर:नालसा की ‘सृजन की सुरक्षा’ योजना के तहत वृक्षारोपण का संदेश

किशनगढ़बास की ग्राम पंचायत तहनौली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीएलवी सूरजभान कछवाहा और गुलाब शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और वृक्षारोपण के संबंध में ये शिविर आयोजित किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की वन व बालिका 2025 ‘सृजन की सुरक्षा’ योजना के तहत भी जानकारी दी गई। पीएलवी सूरजभान कछवाहा और गुलाब शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण आज की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है। प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण और अनियंत्रित विकास के कारण हमारे पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी संदर्भ में, लोगों को जागरूक करने के लिए यह शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने ये भी बताया कि आधुनिकीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण वनों की कटाई अधिक हो रही है, जबकि वृक्षारोपण बहुत कम किया जा रहा है। इसका सीधा दुष्प्रभाव मानव जाति पर पड़ रहा है। विधिक सेवा प्राधिकरण आपकी सहायता एवं सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। सहायता के लिए नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की वन व बालिका 2025 ‘सृजन की सुरक्षा’ योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के तहत वर्ष 2025 में जन्म लेने वाली प्रत्येक बालिका के परिवार द्वारा 11 पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की प्रारंभिक देखभाल और पोषण की जिम्मेदारी सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इसमें नवजात बालिका के परिवार और स्थानीय महिला समूहों को शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अवसर पर योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले पौधों की उपलब्धता वन विभाग द्वारा की जाएगी। वन विभाग रोपे गए पौधों/वृक्षों के रखरखाव के लिए सहायता प्रदान करेगा। योजना के तहत जन्म लेने वाली प्रत्येक ‘हरित बालिका’ को एक विशिष्ट पहचान पत्र जारी किया जाएगा, जो वृक्षारोपण पहल से उसके जुड़ाव को दर्शाएगा।

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